चित्रधारित लेखन- ख़ाली घट ले हाथ में , तुझ को रही निहार । बदरा मेरी प्यास पर , कुछ तो कर उपकार।। -------ओंकार सिंह विवेक ...
व्हाट्सएप्प पर, 'रचनाकार दिल्ली -1' एक प्रतिष्ठित साहित्यिक ग्रुप है।मैं भी पिछले कई वर्ष से इस समूह से जुड़ा हुआ हूँ।कई...