June 25, 2019

सिंहासन

आज का चित्राधारित लेखन--          
  तितली  पकड़ी  हैं बाग़ों में,छत  मे  झूले डाले हैं,
  मस्ती ही की है जीवन में,जब से होश सँभाले हैं।
  पर अब थोड़ी बात अलग है,अब सत्ता है हाथों में,
  अब हमको शासन करना है,अब हम गद्दी वाले हैं।
-                           ----------ओंकार सिंह विवेक

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