October 13, 2019

कवि गोष्ठी व शेरी नशिस्त

कवि गोष्ठी व शेरी नशिस्त
आज दिनाँक13 अक्टूबर,2019 को शायर इफ़्तेख़ार ताहिर के पीला तालाब स्थिति आवास पर गंगा जमुनी तहज़ीब को रेखांकित करती कवि गोष्ठी  व शेरी नशिस्त का...

October 11, 2019

आसमान पर

आसमान पर
ग़ज़ल-ओंकार सिंह विवेक मोबाइल9897214710 है  आदमी  का  इतना  दख़ल आसमान पर, जाने   से   डर   रहे   हैं  परिन्दे  उड़ान  पर। बदलें  हैं ...

October 8, 2019

दशहरा

दशहरा
कुटिल चाल से झूठ की,क्यों होना भयभीत, जब  होनी  हर  हाल में, सच्चाई  की जीत।            ----------------ओंकार सिंह विवेक               ...

October 3, 2019

ईमान

ईमान
जब घिरा छल फरेबों के तूफ़ान में, मैंने  रक्खा  यकीं  अपने ईमान में।       -------ओंकार सिंह विवेक

September 27, 2019

एकता

एकता
            न ख़ुशियाँ ईद की कम हों न होली रंग हो फीका, रहे  भारत के  माथे  पर इसी तहज़ीब का टीका।                               ------ओं...

September 26, 2019

सब्र

सब्र
शिकायत  कुछ नहीं है ज़िन्दगी से, मिला जितना मुझे हूँ ख़ुश उसी से।            -------ओंकार सिंह विवेक     

September 20, 2019

साहित्यिक समाचार

साहित्यिक समाचार
आज दिनाँक 19सितम्बर,2019 को रामपुर(उ0प्र0) में दर्जा मंत्री उ0प्र0 सरकार श्री सूर्य प्रकाश पाल के निवास पर उनके जन्म दिन के अवसर पर पल्लव क...

August 27, 2019

बोलती तस्वीर

बोलती तस्वीर
चित्रधारित लेखन- ख़ाली घट ले हाथ में , तुझ को रही निहार । बदरा मेरी प्यास पर , कुछ तो कर उपकार।।  -------ओंकार सिंह विवेक               ...

August 25, 2019

मेरा मुक़द्दर

मेरा मुक़द्दर
ग़ज़ल-ओंकार सिंह विवेक क़द यहाँ औलाद का जब उनसे बढ़कर हो गया, फ़ख़्र  से  ऊँचा  तभी  माँ-बाप  का सर हो गया। जब  भरोसा  मुझको अपने बाज़ुओं पर ह...

August 23, 2019

कृष्ण जन्माष्टमी

कृष्ण जन्माष्टमी
दोहे जिसको सुनकर मुग्ध थे, गाय गोपियाँ ग्वाल, छेड़ो वह धुन आज फिर, हे गिरधर  गोपाल। जग  में  बढ़ता  जा रहा ,  मोहन  अत्याचार , चक्र  सु...

August 20, 2019

पहचान

पहचान
दोहे अलग  बनाने के लिए ,  औरों  से  पहचान। कथनी करनी कीजिए, अपनी एक समान।। यह जीवन भगवान का,  है  सुन्दर  उपहार। अरे  गँवाता  क्यों   ...

August 19, 2019

दिल धोते हुए

दिल धोते हुए
ग़ज़ल - ओंकार सिंह विवेक आँसुओं से ज़ख्मे  दिल धोते    हुए, ज़िन्दगी  अपनी   कटी     रोते हुए। दिल  की  नादानी नहीं तो और क्या, है   परेशा...

August 18, 2019

ज़िन्दगी का सफ़र

ग़ज़ल-ओंकार सिंह विवेक चढ़ गया  सबकी नज़र में, बात है  कुछ उस बशर में। सच   का हो  कैसे  गुज़ारा, छल,कपट  के इस नगर में। पाँव   के   छाले...

August 15, 2019

स्वतंत्रता दिवस

स्वतंत्रता दिवस
स्वतंत्रता दिवस पर कुछ दोहे आज़ादी    पाना   कहाँ ,  था इतना आसान। इसकी ख़ातिर अनगिनत,   वीर हुए क़ुर्बान।। आज़ादी  का  पर्व   यह ,  देता ...

रक्षा बंधन

रक्षा बंधन
दोहे 💐💐💐💐💐💐💐💐🌷🌷🌷🌷 भाई-बहिनों   के  लिये ,  लेकर  ख़ुशी अपार। आता  सावन  माह  में , राखी   का  त्योहार।। 💐💐💐💐💐🌷🌷🌷🌷...

August 14, 2019

घाटी की तस्वीर

घाटी की तस्वीर
दोहे:बड़ा फ़ैसला बहुत  पुरानी  भूल  में , आख़िर  किया सुधार । धन्यवाद  की  पात्र  है ,  यह  मोदी    सरकार।। मिटी आज अलगाव की , जड़ से ही पह...

August 13, 2019

रौशनी

रौशनी
ग़ज़ल- ओंकार सिंह विवेक आप  हर  पल रौशनी के वार से , तीरगी  करिये   फ़ना  संसार  से । कितने ही  राजा  भिखारी हो गये, कौन बच  पाया समय की ...

August 6, 2019

सीधी सच्ची बात

सीधी सच्ची बात
दोहे 💐💐💐💐💐💐💐💐🌷🌷🌷🌷 पहले मुझको झिड़कियाँ , फिर थोड़ी मनुहार, यार  समझ  पाया  नहीं , मैं  तेरा    व्यवहार। 💐💐💐💐💐💐💐💐🌷🌷...

August 5, 2019

दिये जलाना

दिये जलाना
ग़ज़ल-ओंकार सिंह 'विवेक' आँधियों   में  दिये   जलाना  है, कुछ नया करके अब दिखाना है। बात  क्या  कीजिये  उसूलों  की, जोड़ औ तोड़  ...

August 4, 2019

उलझन

उलझन
कब सूझ रहा जिसको सब सच बात पता है , क्यों औरों से बूझ रहा, जो  भरता  है  पेट सभी  का , क्यों रोटी को जूझ रहा। ऐसे  और  न  जाने   ...

August 3, 2019

उपकार कर

उपकार कर
हो  सके  जितना भी  तुझसे  उम्र भर  उपकार कर, बाँट  कर  दुख  दर्द  बन्दे  हर किसी  से प्यार  कर। छल,कपट  और  द्वेष ही करते हैं मन  को   ...

July 31, 2019

मुन्शी प्रेमचंद जयंती पर

मुन्शी प्रेमचंद जयंती पर
मुन्शी प्रेमचंद को समर्पित कुछ दोहे- 💐💐💐💐💐💐💐💐🌷🌷🌷🌷 लिखकर सदा समाज का,सीधा सच्चा हाल, मुन्शी  जी  की   लेखनी,करती रही कमाल। ...

July 30, 2019

दोहे:आओ करें विचार

दोहे:आओ करें विचार
💐💐💐💐💐💐💐 बढ़ चढ़ कर इस दौर में,माँगें सब अधिकार, फ़र्ज़  निभाने  के  लिये, मगर  नहीं  तैयार। 💐💐💐💐💐💐💐💐 सच  मानो   संसार  मे...

July 27, 2019

स्मृति शेष

स्मृति शेष
आज दिनाँक 27 जुलाई,2019 को हिंदी के महान साहित्यकार डॉक्टर छोटे लाल शर्मा नागेन्द्र जी की पुण्य तिथि पर मेरे निवास पर डॉक्टर रघुवीर शरण शर...

July 26, 2019

अच्छे लगते हैं

अच्छे लगते हैं
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 हाथों  में   चाकू औ पत्थर  अच्छे   लगते   हैं, कुछ   लोगों  को  ऐसे  मंज़र अच्छे लगते  हैं। झू...

July 25, 2019

पुस्तक : स्पंदन (कृतिकार : अशोक विश्नोई -- समीक्षक : ओंकार सिंह विवेक)

पुस्तक : स्पंदन (कृतिकार : अशोक विश्नोई -- समीक्षक : ओंकार सिंह विवेक)
पुस्तक समीक्षा काव्य कृति: स्पंदन  (गद्य कविता-संग्रह )   कृतिकार-अशोक विश्नोई प्रकाशक - विश्व पुस्तक प्रकाशन, नई दिल्ली प्रकाशन वर्ष -- ...

July 23, 2019

चन्द्रयान-3 : मिशन मून

चन्द्रयान-3 : मिशन मून
कुछ दोहे-मिशन मून : चंद्रयान-3 पर **************************** @ पूरे  करने  के  लिये, दिल  के  सब  अरमान। चन्द्रलोक की सैर को,निकला अपन...

July 22, 2019

हिमा दास

हिमा दास
          तुमने  रौशन  कर दिया,  हिन्दुस्तां  का  नाम, हिमा दास झुक कर तुम्हें, करते सभी सलाम।                         ------ओंकार सि...

July 21, 2019

मन की पीर

मन की पीर
             दोहे -ओंकार सिंह विवेक जिससे मिलकर बाँटते,अपने मन की पीर, मिला  नहीं   ऐसा  हमें, कोई  भी  गम्भीर। भाषण की हद तक रही,सच्...

July 14, 2019

अश्क

अश्क
हमें  अश्कों  को   पीना आ  गया है, ग़रज़  यह  है  कि जीना आ गया है। कठिन कब तक न हों सूरज की राहें,  दिसम्बर  का   महीना  आ  गया  है।  ...

July 6, 2019

दोहे: लो आयी बरसात

दोहे: लो आयी बरसात
दोहे: लो आयी बरसात सूर्य  देव  के ताप को,  देकर  आखिर मात, मन हरषाने आ गयी, लो  रिमझिम बरसात। पुरवाई  के साथ  में,  जब  आयी   बरसात, ...

July 4, 2019

दोहे: जल संकट की बात

दोहे: जल संकट की बात
जल  संसाधन  घट   रहे, संकट है विकराल, हल कुछ इसका खोजिये,है यह बड़ा सवाल। झूठ नहीं इनमें तनिक, सच्चे  हैं  यह   बोल, बूँद-बूँद  में    ज़...

July 3, 2019

माँ

माँ
दूर  रंजोअलम्   और  सदमात   हैं , माँ है तो खुशनुमा घर के हालात हैं। अपने  ढंग  से उसे सब   सताते  रहे  , यह न सोचा कि माँ के भी जज़्बात...

June 30, 2019

ज़िन्दगी से

ज़िन्दगी से
ग़ज़ल-ओंकार सिंह'विवेक' शिकायत कुछ नहीं है ज़िन्दगी  से, मिला जितना मुझे हूँ ख़ुश उसी  से। ज़रूरत  और   मजबूरी  जहाँ    मैं, करा  ल...

June 29, 2019

दोहे: अब तो हो बरसात

दोहे: अब तो हो बरसात
मिलकर सब करते विनय,जमकर बरसो आज, अपनी ज़िद को छोड़  दो, हे  बादल   महाराज। आज बहुत प्यासी धरा, मेघ बरस  दिल   खोल, यदि बरसेगा  बाद  में, ...

June 25, 2019

सिंहासन

सिंहासन
आज का चित्राधारित लेखन--             तितली  पकड़ी  हैं बाग़ों में,छत  मे  झूले डाले हैं,   मस्ती ही की है जीवन में,जब से   होश सँभाले हैं। ...

June 21, 2019

Yoga Day

Yoga Day
आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कुछ विषयगत दोहे प्रस्तुत हैं-  तन मन दोनों स्वस्थ हों,दूर रहें सब रोग, आओ इसके वासते, करें साथियो...

June 2, 2019

हक़ीक़त

ग़ज़ल-ओंकार सिंह विवेक मोबाइल9897214710 क़द यहाँ औलाद का जब उनसे बढ़कर हो गया, फ़ख़्र  से  ऊँचा  तभी  माँ-बाप  का सर हो गया। जब  भरोसा  मुझक...

May 28, 2019

मन की स्थिरता

मन की स्थिरता
चित्राधारित दोहे भाग-दौड़ से जब हुई ,दिन प्रतिदिन हलकान, गोरी तब करने  लगी,     गहन साधना-ध्यान। करना  पड़ता  है  बहुत,पावनता  से  ध्या...

May 27, 2019

हमदर्द

  मुक्तक कभी   सदमात  देकर  ख़ून  के आँसू रुलाता है, कभी  ज़ख़्मों पे मेरे  आप  ही मरहम लगाता  है। उसे  दुश्मन  कहूँ  या  फिर कहूँ  हमदर्...

May 24, 2019

दोहे

      ओंकार सिंह'विवेक'       मोबाइल9897214710      @सर्वाधिकार सुरक्षित शब्दों   ने  हमको   दिये,   ऐसे   ऐसे  घाव, जीवन में स...

May 22, 2019

ख़ुशगवार

ख़ुशगवार
ग़ज़ल-ओंकार सिंह विवेक मोबाइल9897214710 हर हाल में ख़िज़ाँ पर ग़ालिब बहार   होगी, फिर से फ़ज़ा गुलिस्तां की ख़ुशगवार होगी। केवल  यहाँ  बुराई  ...

May 19, 2019

व्यक्तित्व विकास

व्यक्तित्व विकास
                         मानव स्वास्थ्य जब हम व्यक्ति के स्वास्थ्य की बात करते हैं तो मन में प्राय: शारीरिक स्वास्थ्य का भाव ही उत्पन्न ह...

May 18, 2019

इज़हार-ए-ख़्याल

इज़हार-ए-ख़्याल
चित्र:साभार गूगल से ग़ज़ल-ओंकार सिंह'विवेक' मोबाइल9897214710 चाहे कैसी भी महफ़िल हो रास न हरगिज़ आती है, इस दिल का क्या कीजे इसको ...

May 17, 2019

फ़िक्र की परवाज़

फ़िक्र की परवाज़
ग़ज़ल-ओंकार सिंह'विवेक' कभी  तो  चाहता  है  यह  बुलंदी  आसमानों   की, कभी दिल माँग करता है मुसलसल ही ढलानों की। अभी  भी  सैकड़ों  ...

May 15, 2019

माँ का साथ

माँ का साथ
डगर  का ज्ञान होता है अगर माँ साथ होती है, सफ़र आसान होता  है अगर माँ साथ होती है। मेरा कोई जगत में बाल बाँका कर नहीं सकता, सदा   य ह भा...

May 14, 2019

हिना

हिना
फूलों से खिलता यह घर है रची हथेली  कहती है, सबका मन ख़ुशबू से तर है रची हथेली कहती है। हम भी अपने मन में दीपक जला रखें उम्मीदों के, ख़ुशिय...

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दिल की बात ग़ज़ल के साथ

आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ :                     ग़ज़ल       ...