October 8, 2019

दशहरा



कुटिल चाल से झूठ की,क्यों होना भयभीत,
जब  होनी  हर  हाल में, सच्चाई  की जीत।
           ----------------ओंकार सिंह विवेक               
                       चित्र:गूगल से साभार

No comments:

Post a Comment

Featured Post

दो शब्द 'कुछ मीठा कुछ खारा' के बारे में

लीजिए पेश हैं मुंबई निवासी पूर्व बैंक अधिकारी/साहित्यकार/यूट्यूबर/ब्लॉगर/पॉडकास्टर आदरणीय प्रदीप गुप्ता जी द्वारा मेरे दूसरे ग़ज...