न ख़ुशियाँ ईद की कम हों न होली रंग हो फीका, रहे भारत के माथे पर इसी तहज़ीब का टीका। ------ओं...
व्हाट्सएप्प पर, 'रचनाकार दिल्ली -1' एक प्रतिष्ठित साहित्यिक ग्रुप है।मैं भी पिछले कई वर्ष से इस समूह से जुड़ा हुआ हूँ।कई...