कुछ दोहे हर पल की गंभीरता , कर देगी बीमार। हँसी ठिठोली भी कभी, किया करो तुम यार।। उठते हैं उनके लिए , सदा दुआ में हाथ।...
आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ : ग़ज़ल ...