November 2, 2019

फूल और काँटे


यहाँ सफ़र सबका किया, काँटों ने प्रतिकूल।
नहीं  किसी  को राह में,मिले फूल ही फूल।।
                       -------ओंकार सिंह विवेक
                            (सर्वाधिकार सुरक्षित)
               

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