October 27, 2019

दीवाली

 


अन्न  उगाने  वालों  के  ही ,  संमुख  है  रीती थाली,
लेकिन शासक बता रहे हैं, भारत  में  है  ख़ुशहाली।
मन के भीतर तमस छुपाकर, लोग जलाते हैं दीपक,
समझ नहीं आता है कुछ भी , है यह कैसी दीवाली।
                                --------ओंकार सिंह विवेक
                                       (सर्वाधिकार सुरक्षित)

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