हम सुनते और पढ़ते आए हैं कि एक ज़माना था जब राजनीति जनसेवा का माध्यम हुआ करती थी।घर के लोग अपने परिवार के किसी सदस्य को उसकी क्षमता और रुचि को...
आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ : ग़ज़ल ...