February 10, 2022

पानी रे पानी !!!!!(विश्व जल दिवस विशेष)

दुनिया मे निरंतर विकराल होते जा रहे जल संकट को देखकर भी हम सचेत नहीं हो रहे, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।वैज्ञानिक,पर्यावरणविद और अन्य लोकहितकारी संगठन इस बात को लेकर जागरूकता फैलाने का भरसक प्रयत्न कर रहे हैं कि आदमी घटते जल स्रोतों को लेकर चिंतित हो और अनुचित जल दोहन से बचे। 
काश! सब समय रहते चेत जाएँ और व्यर्थ जल न बहाकर इसके संरक्षण के यथोचित उपाय करें इसी कामना के साथ🙏🙏
कुंडलिया -- ओंकार सिंह विवेक
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  पानी   जीवन   के   लिए, है  अनुपम  वरदान,
  व्यर्थ न  इसकी बूँद  हो, रखना  है  यह ध्यान।
  रखना है  यह ध्यान,करें  सब  संचय  जल का,
  संकट हो विकराल,पता  क्या है कुछ कल का।
  करता  विनय  विवेक, छोड़  दें  अब  मनमानी,
  अनुचित  दोहन   रोक,बचा  लें   घटता  पानी।
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             --ओंकार सिंह विवेक
               सर्वाधिकार सुरक्षित
चित्र--गूगल से साभार
चित्र--गूगल से साभार
  

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