November 17, 2021
आँसुओं की ख़ुद्दारी
मनुष्य के हर हाव-भाव और भावभंगिमा तथा अभिव्यक्ति का अपना महत्व है। अब आँसुओं को ही ले लीजिए, इनका भी अपना स्वाभिमान होता है । आँ...
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November 11, 2021
"दर्द का अहसास"--एक समीक्षा
इंदौर,मध्य प्रदेश की सुप्रसिद्ध साहित्यकार और समाज सेविका आदरणीया तृप्ति मिश्रा साहिबा ने मेरे ग़ज़ल संग्रह दर्द का अहसास की समीक्षा लिखकर प्र...
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November 10, 2021
उम्र भर उपकार कर
शुभ संध्या🙏🙏 सभी ग़ज़ल प्रेमी साहित्य मनीषियों का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन । प्रस्तुत है मेरी बहुत आसान बह्र में कही गई एक ग़ज़ल जिसमें अध...
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November 8, 2021
शेरों में ढाल के
ग़ज़ल -- ©️ओंकार सिंह विवेक ©️ बेशक कई जवाब दिए इक सवाल के, पर उसके सब जवाब थे सचमुच कमाल के। हज़रत किया था हमने तो आगाह बारहा, फ...
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November 6, 2021
दर्द का अहसास
कृति- "दर्द का अहसास" ग़ज़ल संग्रह कृतिकार- ओंकार सिंह विवेक समीक्षक-- अशोक कुमार वर्मा अवकाशप्राप्त आई0पी0एस0 दर्द का अहसास...
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November 3, 2021
पुस्तक समीक्षा-- "दर्द का अहसास "
दर्द का अहसास : संवेदनाओं का संकलन -------------------------------------------------- 'औरतों से बातचीत'रही...
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November 2, 2021
शुभ दीपावली
दोहे--शुभ दीपावली : धनवर्षा : अमृत वर्षा ******************************** -- ©️ ओंकार सिंह विवेक ©️ हो जाए हर गेह में , लक्ष्मी जी...
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October 31, 2021
देशप्रेम
आज़ादी का अमृत महोत्सव : दो मुक्तक ---©️ ओंकार सिंह विवेक शान तिरंगा है , हम सबकी जान तिरंगा है, वीर ...
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October 29, 2021
पुस्तक समीक्षा
पुस्तक समीक्षा ************ कृति : काव्य-ज्योति कृतिकार :रामरतन यादव रतन समीक्षक :ओंकार सिंह विवेक भाई रा...
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October 25, 2021
पुस्तक विमोचन समारोह
रविवार दिनाँक 24 अक्टूबर,2021 को खटीमा,उत्तराखंड में विनम्र स्वभाव के धनी कवि एवं अध्यापक भाई श्री रामरतन यादव रतन जी के स्नेहिल आमंत्रण पर...
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October 22, 2021
नगर में अब वो नज़्ज़ारे नहीं हैं
ग़ज़ल-- ©️ओंकार सिंह विवेक मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन फ़ऊलुन ©️ खिले - से चौक - चौबारे नहीं है, नगर में अब वो नज़्ज़ारे नहीं हैं। बचाते...
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October 15, 2021
फ़िक्र के पंछियों को उड़ाया बहुत
ग़ज़ल-- ©️ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ फ़िक्र के पंछियों को उड़ाया बहुत, उसने अपने सुख़न को सजाया बहुत। हौसले में न आ...
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October 10, 2021
आग से माली के रिश्ते हो गए
फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन ग़ज़ल-- ©️ओंकार सिंह विवेक ©️ आग से माली के रिश्ते हो गए, बाग़ को ख़तरे ही ख़तरे हो गए। साथ मे...
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October 7, 2021
झूठी क़समें खाना बंद करो
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September 29, 2021
रात का एक ही बजा है अभी
फ़ाइलातुन फ़ेलुन/फ़इलुन ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक ©️ रात का एक ही बजा है अभी, यार घंटों का रतजगा है अभी। हाथ यूँ रोज़ ही ...
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September 20, 2021
कविसम्मेलन व साहित्यकार सम्मान समारोह
पल्लव काव्य मंच रामपुर,उ0प्र0 द्वारा कवि सम्मेलन एवं साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन ********************************** हिंदी पखवाड़े के अं...
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September 11, 2021
याद फिर उनकी दिलाने पे तुली है दुनिया
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ याद फिर उनकी दिलाने पे तुली है दुनिया, चैन इस दिल का मिटाने पे तुली है दुनिया। चोर...
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August 29, 2021
सच्चे बोल पड़ते हैं
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August 23, 2021
सभी को हमसे दिक़्क़त हो गई है
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ हमें सच से क्या रग़बत हो गई है, सभी को हमसे दिक़्क़त हो गई है। कभी होती थी जन ...
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August 22, 2021
क्या बतलाएँ दिल को कैसा लगता है
ग़ज़ल***ओंकार सिंह विवेक ©️ क्या बतलाएँ दिल को कैसा लगता है, बदला-सा जब उनका लहजा लगता है। रोज़ पुलाव पकाओ आप ख़यालों के, इसमे कोई पाई...
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August 1, 2021
हाँ, जीवन नश्वर होता है
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ हाँ , जीवन नश्वर होता है, मौत का फिर भी डर होता है। शेर नहीं होते हफ़्तों तक,...
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July 25, 2021
गुलों में ताज़गी आए कहाँ से
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक दिनाँक- 24.07.2021 चित्र--गूगल से साभार ©️ चमन है रूबरू पैहम ख़िज़ाँ से, गुलों ...
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July 18, 2021
सुना करता हूँ मैं यह बात माँ से
दोस्तो नमस्कार🙏🏻🙏🏻 यों तो सृष्टि में जो कुछ भी विद्यमान है वह सब कुछ हर आदमी की नज़र से गुज़रता है परंतु एक कवि या साहित्यकार दुनिया की ह...
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July 16, 2021
तो गुज़रेगी क्या सोचिए रौशनी पर
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ सभी फ़ख़्र करने लगें तीरगी पर, तो गुज़रेगी क्या सोचिए रौशनी पर। सर-ए-आम ईमान जब बि...
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July 15, 2021
स्मृतिशेष अटल जी की जयंती पर
अगर अटल जी को एक नए भारत की परिकल्पना करने वाले श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी जाए तो ग़लत नहीं होगा। अटल जी को उनकी जन्म तिथि पर याद करते ...
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July 12, 2021
राष्ट्रीय कवि गोष्ठी-संस्कार भारती वाराणसी
11/07/2021 हे राष्ट्र तुम्हारा अभिनंदन ! आज संस्कार भारती-वाराणसी (उ.प्र) द्वारा वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ प्रेरणा चतुर्वेदी के संयोज...
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July 11, 2021
शहनाइयाँ अच्छी लगीं
ग़ज़ल---ओंकार सिंह विवेक ****************** फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन मौसमे - बरसात की तैयारियाँ अच्छी लगीं, ख़ुश्क...
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July 6, 2021
मानवीय सरोकार
दोस्तो काफ़ी दिन बाद आपसे फिर मुख़ातिब हूँ अपनी मानवीय सरोकारों से जुड़ी एक ग़ज़ल लेकर-- ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक ©️ ये आदमी ने यह...
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July 1, 2021
कच्चा घर नहीं होता
ग़ज़ल***ओंकार सिंह विवेक फ़ाइलुन मुफ़ाईलुन फ़ाइलुन मुफ़ाईलुन ©️ गर हमारी क़िस्मत में कच्चा घर नहीं होता, तो हमें भी बारिश का कोई डर नही...
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June 21, 2021
Yoga Day Special
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कुछ दोहे *************************** ---ओंकार सिंह विवेक ©️ होता है इस बात पर , हमें गर्...
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June 20, 2021
फादर्स-डे स्पेशल
आज पिता-दिवस पर पिता श्री को समर्पित एक ग़ज़ल ******************** ---- ओंकार सिंह विवेक 🌹 मफ़ऊ लु मफ़ाईलु मफ़ाईलु फ़ऊलुन ©️ मे...
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June 14, 2021
दो बोल प्यार के
ग़ज़ल---ओंकार सिंह विवेक ©️ दो बोल जिसने बोल दिए हँसके प्यार के, हम उसके होके रह गए इस दिल को हार के। ये नौजवान कै...
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June 11, 2021
पुख़्ता तैयारी है
ग़ज़ल**ओंकार सिंह विवेक ©️ बंद भले ही सरहद पर अब गोलीबारी है, पर हमसाये की साज़िश वैसे ही जारी है। जान गए कुछ देर की बारिश...
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June 3, 2021
समीक्षा : एक दुष्कर कार्य
बात साहित्य सृजन की आती है तो कथ्य-तथ्य-शिल्प-भाव-कला और शब्द-संयोजन जैसे शब्दों के साथ ही एक शब्द और है जो मस्तिष्क में आता है।वह शब्द है स...
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June 1, 2021
जब दिये ही नहीं जलाए हैं
नमस्कार मित्रो🙏🏻🙏🏻 सोचा काफ़ी दिन हो गए ,चलो साहित्यिक अभिव्यक्ति को लेकर कुछ बात की जाए। यों तो आस-पास घटित हो रही तमाम घटनाओं और मन मे...
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ताना-बाना
नई ग़ज़ल का आनंद लीजिए साथियो 🥀🥀🙏🙏 ग़ज़ल **** इतने उलझे संबंधों के ताने-बाने हैं, अपने ...
प्रथमा यू पी ग्रामीण बैंक सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति के दो प्रमुख आधार स्तंभ
(प्रथमा यू पी ग्रामीण बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार तोमर जी एवं महासचिव श्री इरफ़ान आलम जी) मित्रो संग...
जीवन-यात्रा
बहुुुत कम लोग ऐसे होते हैैं जिनको अपनी रुचि के अनुुुसार जॉब मिलता है।अक्सर देेखने में आता है कि लोगो को अपनी रुचि से मेल न खाते...
प्रथमा यू पी ग्रामीण बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति की रामपुर में बैठक संपन्न
शुभ प्रभात मित्रो 🌹🌹🙏🙏 संगठन में ही शक्ति निहित होती है यह बात हम बाल्यकाल से ही एक नीति कथा के माध्यम से जानते-पढ़ते और सीखते आ रहे हैं...