March 16, 2022

होली के अवसर पर पल्लव काव्य मंच की गोष्ठी

होली के अवसर पर पल्लव काव्य मंच की गोष्ठी
आया है फिर झूमकर,होली का त्योहार      पल्लव काव्य मंच रामपुर के तत्वावधान में होली के उपलक्ष्य में रंगारंग काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।गो...

March 13, 2022

होली है--होली है--होली है

होली है--होली है--होली है
दोस्तो नमस्कार🙏🙏 रंगों,उमंगों और उल्लास का त्योहार होली दस्तक दे रहा है।वातावरण में फागुन के मस्त रंग घुले हुए हैं। सभी के तन-मन में   एक ...

March 11, 2022

राजनीति तब और अब

राजनीति तब और अब
हम सुनते और पढ़ते आए हैं कि एक ज़माना था जब राजनीति जनसेवा का माध्यम हुआ करती थी।घर के लोग अपने परिवार के किसी सदस्य को उसकी क्षमता और रुचि को...

March 10, 2022

ख़ुशी भी ज़िंदगानी दे रही है

ख़ुशी भी ज़िंदगानी दे रही है
दोस्तो शुभ प्रभात🙏🙏 अब से कुछ देर बात पाँच राज्यों में हुए चुनाव की मतगणना का हाल जानने के लिए सब अपने-अपने टी वी सेट्स से चिपककर बैठ जाएँ...

March 8, 2022

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष
लो फिर आ गया हर वर्ष की भांति महिला दिवस।फिर बुद्धिजीवियों को सभाओं/सेमिनारों और सरकारी आयोजनों के माध्यम से महिला विकास और सशक्तिकरण को लेक...

March 5, 2022

लोकतंत्र और चुनाव

लोकतंत्र और चुनाव
लोकतंत्र में जनता द्वारा किए गए मतदान से जनप्रतिनिधियों का चुना जाना और  फिर एक निर्धारित प्रक्रिया द्वारा सूबे और केंद्र में सरकारों का गठन...

March 4, 2022

जो ठीक है वह ठीक है

जो ठीक है वह ठीक है
किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जितनी ज़रूरी पूर्ण बहुमत की सरकार होती है उतनी ही ज़रूरी एक मज़बूत विपक्ष की भूमिका भी होती।अक्सर ऐसा देखने मे...

March 3, 2022

विरोधाभासों,असंगतियों और विसंगतियों में घिरा आदमी और एक आस

विरोधाभासों,असंगतियों और विसंगतियों में घिरा आदमी और एक आस
शुभ संध्या मित्रो🙏🙏 वक़्त हो चला है कि आपसे कुछ गुफ़्तगू की जाए।मन तो व्यथित और उद्वेलित है ही रूस और यूक्रेन युद्ध को लेकर पर क्या किया जाए...

March 2, 2022

रूस-यूक्रेन युद्ध : दिल बहुत दुखी है

रूस-यूक्रेन युद्ध : दिल बहुत दुखी है
यूक्रेन में हर तरफ़ बम धमाके हो रहे हैं,तोपें गोले बरसा रही हैं,निर्दोष मारे जा रहे हैं और मानवता कराह रही है।कैसा खौफ़नाक मंज़र है यह। शक्तिसम...

March 1, 2022

खेतों की जो हरियाली है----

खेतों की जो हरियाली है----
नमस्कार मित्रो🙏🙏 मार्च,2022 का पहला दिन है।मौसम में परिवर्तन आने से अच्छा महसूस हो रहा है।मदमाता फागुन सबको  मस्त कर रहा है।पीली सरसों,टेस...

February 24, 2022

मदमाता फागुन

मदमाता फागुन
शुभ प्रभात मित्रो🙏🙏🌷🌷 वसंत और फागुन मास के आनंद और आकर्षण का मस्त चित्रण कवि और साहित्यकार बहुत ही प्रभावशाली ढंग से करते आए हैं। फूलों ...

February 22, 2022

जीवन में फिर भी पहले-सा हास नहीं

जीवन में फिर भी पहले-सा हास नहीं
ग़ज़ल---ओंकार सिंह विवेक 🌷 सुख का है क्या साधन जो अब पास नहीं, जीवन  मे  फिर भी  पहले-सा  हास नहीं। 🌷 मुजरिम  भी   जब   उसमे  जाकर  बैठेंगे,...

February 20, 2022

निर्धन की क्या दीवाली है

निर्धन की क्या दीवाली है
नमस्कार मित्रो 🙏🙏  आज फिर जनसरोकारों से जुड़ी एक छोटी बह्र की ग़ज़ल आपकी मुहब्बतों के हवाले🙏🙏🌺🌺🌷🌷 *********************** ग़ज़ल--ओंकार सि...

February 17, 2022

सिन्फ़-ए-नाज़ुक

सिन्फ़-ए-नाज़ुक
फ़ारसी,अरबी और उर्दू से होती हुई ग़ज़ल आज हिंदी देवनागरी में  भी ख़ूब धूम मचा रही है।बड़े-बड़े शायरों के ग़ज़ल संग्रह आज हिंदी में छप रहें हैं और आम...

February 11, 2022

काश!ऐसा न हो

काश!ऐसा न हो
 आज रूस और यूक्रेन युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं।यूक्रेन जो कभी सोवियत संघ का हिस्सा हुआ करता था आज रूस से अलग एक छोटा-सा देश है जो अपनी स्वायत...

February 10, 2022

पानी रे पानी !!!!!(विश्व जल दिवस विशेष)

पानी रे पानी !!!!!(विश्व जल दिवस विशेष)
दुनिया मे निरंतर विकराल होते जा रहे जल संकट को देखकर भी हम सचेत नहीं हो रहे, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।वैज्ञानिक,पर्यावरणविद और अन्य लोकहितकारी स...

February 8, 2022

अब बहुत हुआ ऑनलाइन

अब बहुत हुआ ऑनलाइन
कोरोना महामारी ने दुनिया को बदल कर रख दिया है इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता।इसने मिलना-जुलना,आपसी व्यवहार,कारोबार,शिक्षा और चिकित्सा के स...

February 7, 2022

आसमान से

आसमान से
नमस्कार मित्रो 🙏🙏 हज़रत दाग़ देहलवी साहब बहुत बड़े शायर गुज़रे हैं।उन्होंने शायरी को जिस मुक़ाम तक पहुँचाया वो हम जैसे सुख़नवरों के लिए एक दर्स ...

February 6, 2022

हे!ऋतुराज वसंत जी बहुत-बहुत आभार

हे!ऋतुराज वसंत जी बहुत-बहुत आभार
             हे ! ऋतुराज वसंत जी, बहुत-बहुत आभार        ******************************** कल वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय पल्लव काव्य ...

February 4, 2022

साहित्यकार स्मृतिशेष श्री हीरालाल "किरण"

साहित्यकार स्मृतिशेष श्री हीरालाल "किरण"
नमस्कार मित्रो🙏🙏 आज रामपुर-उ0प्र0 के एक ऐसे साहित्यकार के संबंध में आपके साथ संस्मरण साझा करने का मन हो रहा है जो जीवनपर्यंत बहुत ही साधार...

February 1, 2022

जो मुददआ नहीं है उसे -----

जो मुददआ नहीं है उसे -----
सादर प्रणाम मित्रो🙏🙏 आज साहित्यिक संस्था विद्योत्तमा फाउंडेशन नाशिक,महाराष्ट्र से साहित्यिक सेवाओं हेतु सम्मान पत्र प्राप्त हुआ जो आप सब क...

January 31, 2022

संविधान का मान

संविधान का मान
कुंडलिया :  ********          ---ओंकार सिंह विवेक -------------------------------------------------- जागे  सबकी  चेतना,रखें  सभी यह ध्यान, स...

January 28, 2022

जिसकी बनती हो बने----

जिसकी बनती हो बने----
कुंडलिया---ओंकार सिंह विवेक          सर्वाधिकार सुरक्षित 🌷 जिसकी  बनती  हो  बने, सूबे  में  सरकार, हर  दल   में  हैं  एक-दो, उनके  रिश्तेदा...

January 26, 2022

लग रहा है डर हमें उनकी इनायत देखकर

लग रहा है डर हमें उनकी इनायत देखकर
ग़ज़ल--ग़ज़ल-ग़ज़ल   बस यही एक जुनून है मुझे ।अपने भावों को काव्य रूप में अभिव्यक्त करने के लिए मेरी पसंदीदा विधा यही है।यद्यपि रस परिवर्तन के लिए...

January 23, 2022

फ़िक्र फूली-फली नहीं होती----तो

फ़िक्र फूली-फली नहीं होती----तो
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक ©️ फ़िक्र   फूली-फली    नहीं  होती, तो    हसीं   शायरी   नहीं  होती। ख़ास लोगों से ही है दिल मिलता, सबसे   तो   दोस्ती  ...

January 22, 2022

झूठ पर झूठ वो बोलता रह गया

झूठ पर झूठ वो बोलता रह गया
बार-बार चिंतन को विवश करती और ह्रदय को झकझोरने वाली कड़वी सच्चाइयां सृजन का आधार बनती ही हैं।और फिर बने भीं क्यों नहीं,यह भाव ही तो अहसास करा...

January 21, 2022

चुनावी मौसम : एक नवगीत

चुनावी मौसम : एक नवगीत
चित्र-गूगल से साभार आज एक नवगीत चुनावी मौसम के नाम ********************************     --©️ओंकार सिंह विवेक राजनीति के कुशल मछे...

January 16, 2022

चुनावी मौसम पर कुंडलिया

चुनावी मौसम पर कुंडलिया
कुंडलिया : चुनावी मौसम            --ओंकार सिंह विवेक खाया  जिस  घर  रात-दिन,नेता जी ने  माल, नहीं  भा  रही  अब  वहाँ, उनको  रोटी-दाल। उनको  ...

January 13, 2022

लोहड़ी व मकर संक्रांति

लोहड़ी व मकर संक्रांति
💥दोहे:मकर संक्रांति पर💥                   -–-ओंकार सिंह विवेक  💥   सूरज  दादा  चल   दिए ,अब  उत्तर  की  ओर,   शनैः-शनैः  कम  हो रहा,शीत  ...

January 12, 2022

हाड़ कँपाती सर्दी आई है

हाड़ कँपाती सर्दी आई है

वृक्षों के संरक्षण को लेकर

वृक्षों के संरक्षण को लेकर
           कुंडलिया          ---ओंकार सिंह विवेक ********************************* देते   हैं  सबको  यहाँ,प्राणवायु   का   दान, फिर भी वृक्ष...

January 8, 2022

बड़ी दिलकश तुम्हारी शायरी है

बड़ी दिलकश तुम्हारी शायरी है
ग़ज़ल--  ©️ओंकार सिंह विवेक ©️ यूँ   लगता   है,  गुलों   की  ताज़गी  है, बड़ी    दिलकश   तुम्हारी   शायरी   है। कमी   कुछ  आपसी   विश्वास   की  ...

January 6, 2022

कुंडलिया : सर्दी के नाम

कुंडलिया : सर्दी के नाम
कुंडलिया  ******         ----ओंकार सिंह विवेक सर्दी  से   यह  ज़िंदगी , जंग   रही  है  हार, हे भगवन! अब  धूप का,खोलो  थोड़ा द्वार। खोलो   थोड़ा...

January 1, 2022

मिला है ख़ुश्क दरिया देखने को

मिला है ख़ुश्क दरिया देखने को
ग़ज़ल-- ©️ओंकार सिंह 'विवेक' ©️ मिला  है  ख़ुश्क  दरिया  देखने को, मिलेगा  और  क्या-क्या देखने को। किसी  मुद्दे  पे  सब  ही एकमत हों, क...

December 31, 2021

नए साल की पूर्व संध्या पर काव्य गोष्ठी

नए साल की पूर्व संध्या पर काव्य गोष्ठी
आज वर्ष 2021 के अंतिम दिन अर्थात वर्ष 2022 की पूर्व संध्या पर  उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की रामपुर इकाई के ज़िला अध्यक्ष श्र...

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दिल की बात ग़ज़ल के साथ

आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ :                     ग़ज़ल       ...