August 1, 2021
हाँ, जीवन नश्वर होता है
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ हाँ , जीवन नश्वर होता है, मौत का फिर भी डर होता है। शेर नहीं होते हफ़्तों तक,...
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July 25, 2021
गुलों में ताज़गी आए कहाँ से
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक दिनाँक- 24.07.2021 चित्र--गूगल से साभार ©️ चमन है रूबरू पैहम ख़िज़ाँ से, गुलों ...
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July 18, 2021
सुना करता हूँ मैं यह बात माँ से
दोस्तो नमस्कार🙏🏻🙏🏻 यों तो सृष्टि में जो कुछ भी विद्यमान है वह सब कुछ हर आदमी की नज़र से गुज़रता है परंतु एक कवि या साहित्यकार दुनिया की ह...
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July 16, 2021
तो गुज़रेगी क्या सोचिए रौशनी पर
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ सभी फ़ख़्र करने लगें तीरगी पर, तो गुज़रेगी क्या सोचिए रौशनी पर। सर-ए-आम ईमान जब बि...
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July 15, 2021
स्मृतिशेष अटल जी की जयंती पर
अगर अटल जी को एक नए भारत की परिकल्पना करने वाले श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी जाए तो ग़लत नहीं होगा। अटल जी को उनकी जन्म तिथि पर याद करते ...
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July 12, 2021
राष्ट्रीय कवि गोष्ठी-संस्कार भारती वाराणसी
11/07/2021 हे राष्ट्र तुम्हारा अभिनंदन ! आज संस्कार भारती-वाराणसी (उ.प्र) द्वारा वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ प्रेरणा चतुर्वेदी के संयोज...
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July 11, 2021
शहनाइयाँ अच्छी लगीं
ग़ज़ल---ओंकार सिंह विवेक ****************** फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन मौसमे - बरसात की तैयारियाँ अच्छी लगीं, ख़ुश्क...
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July 6, 2021
मानवीय सरोकार
दोस्तो काफ़ी दिन बाद आपसे फिर मुख़ातिब हूँ अपनी मानवीय सरोकारों से जुड़ी एक ग़ज़ल लेकर-- ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक ©️ ये आदमी ने यह...
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July 1, 2021
कच्चा घर नहीं होता
ग़ज़ल***ओंकार सिंह विवेक फ़ाइलुन मुफ़ाईलुन फ़ाइलुन मुफ़ाईलुन ©️ गर हमारी क़िस्मत में कच्चा घर नहीं होता, तो हमें भी बारिश का कोई डर नही...
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June 21, 2021
Yoga Day Special
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कुछ दोहे *************************** ---ओंकार सिंह विवेक ©️ होता है इस बात पर , हमें गर्...
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June 20, 2021
फादर्स-डे स्पेशल
आज पिता-दिवस पर पिता श्री को समर्पित एक ग़ज़ल ******************** ---- ओंकार सिंह विवेक 🌹 मफ़ऊ लु मफ़ाईलु मफ़ाईलु फ़ऊलुन ©️ मे...
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June 14, 2021
दो बोल प्यार के
ग़ज़ल---ओंकार सिंह विवेक ©️ दो बोल जिसने बोल दिए हँसके प्यार के, हम उसके होके रह गए इस दिल को हार के। ये नौजवान कै...
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June 11, 2021
पुख़्ता तैयारी है
ग़ज़ल**ओंकार सिंह विवेक ©️ बंद भले ही सरहद पर अब गोलीबारी है, पर हमसाये की साज़िश वैसे ही जारी है। जान गए कुछ देर की बारिश...
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June 3, 2021
समीक्षा : एक दुष्कर कार्य
बात साहित्य सृजन की आती है तो कथ्य-तथ्य-शिल्प-भाव-कला और शब्द-संयोजन जैसे शब्दों के साथ ही एक शब्द और है जो मस्तिष्क में आता है।वह शब्द है स...
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June 1, 2021
जब दिये ही नहीं जलाए हैं
नमस्कार मित्रो🙏🏻🙏🏻 सोचा काफ़ी दिन हो गए ,चलो साहित्यिक अभिव्यक्ति को लेकर कुछ बात की जाए। यों तो आस-पास घटित हो रही तमाम घटनाओं और मन मे...
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May 27, 2021
कमाल है
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May 21, 2021
अँधेरे से ही तो उजाला है
शुभ प्रभात मित्रों🙏🙏 शीर्षक पढ़कर आपको लगा होगा कि यह कैसी अटपटी-सी बात है।यदि हम गहराई से सोचें तो इस कथन के पीछे छुपी सच्चाई समझ में आ...
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May 17, 2021
दोहे : गंगा मैया
दोहे : गंगा माई ********** ----©️ ओंकार सिंह विवेक 💥 जटा खोलकर रुद्र ने , छोड़ी जिसकी धार, नमन करें उस गंग को , आओ बा...
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May 8, 2021
जल्द सूरज को अब निकलना है
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May 6, 2021
एक ही आसमान थोड़ी है
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April 26, 2021
अपना, अपना ही होता है
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April 24, 2021
गुलशन फिर मुस्काएगा
आज दुनिया को कोरोना वायरस ने बता दिया है की हथियारों या उपभोग के सामान के उत्पादन के बजाए जीवन रक्षक चीजों के उत्पादन और संरक्षण की ज़ियादा आ...
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April 22, 2021
Positivity-Positivity And Positivity
सकारात्मकता-सकारात्मकता और सकारात्मकता आज विश्वव्यापी वबा के कारण हम सब में ही भय व्याप्त है। ऐसे में अपने ऊर्जा और आत्मविश्वास को बनाए रख...
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April 13, 2021
सत्ता के गलियारों में
ग़ज़ल----ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 रोज़ ख़बर छप जाया करती अपनी भी अख़बारों में, पैठ बना लेते जो शासन- सत्ता के गलियारों मे...
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April 9, 2021
दो वक़्त रोटी-दाल मिल जाए
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April 6, 2021
आओ टीका लगवाएँ : कोरोना को निबटाएँ
अभी कुछ दिन पहले तक लग रहा था कि हम कोरोना जैसी घातक बीमारी से जंग जीतने के आख़िरी चरण में पहुँच चुके हैं।परंतु पिछले कुछ दिनों से तेज़ी से बढ़...
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March 30, 2021
ठोकर खाने से
ग़ज़ल**ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 कौन भला रोकेगा उसको मंज़िल पाने से, जिसका साहस जाग उठा हो ठोकर खाने से। बात समझकर भी...
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March 27, 2021
होली है भई होली है!
न ख़ुशियाँ ईद की कम हों न होली-रंग हो फीका, रहे भारत के माथे पर इसी तहज़ीब का टीका। गले मिलते रहें सब लोग शिकवे भूलकर सारे, सदा सद्भावन...
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March 25, 2021
जनता तो बेचारी थी बेचारी है
ग़ज़ल***ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 🗯️ इसको लेकर ही उनको दुश्वारी है, जनता में क्यों अब इतनी बेदारी है। ...
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March 22, 2021
विराट कवि सम्मेलन और साहित्यकार सम्मान समारोह
विराट कवि सम्मेल व साहित्यकार सम्मान समारोह ******************************** दिनाँक 20 व 21 मार्च,2021 को के0 बी0 हिंदी सेवा न्या...
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March 17, 2021
भव्य कवि सम्मेलन शेरकोट, बिजनौर
भव्य कवि सम्मेलन शेरकोट ,ज़िला बिजनौर **************************** अनिरुद्ध काव्यधारा साहित्यिक संस्था द्वारा देश भर के चुनिंदा २४ कलमकारों क...
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March 15, 2021
सदभाव रहेगा
ग़ज़ल---ओंकार सिंह विवेक 💥 जब मन में औरों को नीचा दिखलाने का भाव रहेगा, तो ख़ुद के अंदर भी तय है , पलता एक तनाव रहेगा। ...
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ताना-बाना
नई ग़ज़ल का आनंद लीजिए साथियो 🥀🥀🙏🙏 ग़ज़ल **** इतने उलझे संबंधों के ताने-बाने हैं, अपने ...
प्रथमा यू पी ग्रामीण बैंक सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति के दो प्रमुख आधार स्तंभ
(प्रथमा यू पी ग्रामीण बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार तोमर जी एवं महासचिव श्री इरफ़ान आलम जी) मित्रो संग...
जीवन-यात्रा
बहुुुत कम लोग ऐसे होते हैैं जिनको अपनी रुचि के अनुुुसार जॉब मिलता है।अक्सर देेखने में आता है कि लोगो को अपनी रुचि से मेल न खाते...
प्रथमा यू पी ग्रामीण बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति की रामपुर में बैठक संपन्न
शुभ प्रभात मित्रो 🌹🌹🙏🙏 संगठन में ही शक्ति निहित होती है यह बात हम बाल्यकाल से ही एक नीति कथा के माध्यम से जानते-पढ़ते और सीखते आ रहे हैं...