February 22, 2022

जीवन में फिर भी पहले-सा हास नहीं

जीवन में फिर भी पहले-सा हास नहीं
ग़ज़ल---ओंकार सिंह विवेक 🌷 सुख का है क्या साधन जो अब पास नहीं, जीवन  मे  फिर भी  पहले-सा  हास नहीं। 🌷 मुजरिम  भी   जब   उसमे  जाकर  बैठेंगे,...

February 20, 2022

निर्धन की क्या दीवाली है

निर्धन की क्या दीवाली है
नमस्कार मित्रो 🙏🙏  आज फिर जनसरोकारों से जुड़ी एक छोटी बह्र की ग़ज़ल आपकी मुहब्बतों के हवाले🙏🙏🌺🌺🌷🌷 *********************** ग़ज़ल--ओंकार सि...

February 17, 2022

सिन्फ़-ए-नाज़ुक

सिन्फ़-ए-नाज़ुक
फ़ारसी,अरबी और उर्दू से होती हुई ग़ज़ल आज हिंदी देवनागरी में  भी ख़ूब धूम मचा रही है।बड़े-बड़े शायरों के ग़ज़ल संग्रह आज हिंदी में छप रहें हैं और आम...

February 11, 2022

काश!ऐसा न हो

काश!ऐसा न हो
 आज रूस और यूक्रेन युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं।यूक्रेन जो कभी सोवियत संघ का हिस्सा हुआ करता था आज रूस से अलग एक छोटा-सा देश है जो अपनी स्वायत...

February 10, 2022

पानी रे पानी !!!!!(विश्व जल दिवस विशेष)

पानी रे पानी !!!!!(विश्व जल दिवस विशेष)
दुनिया मे निरंतर विकराल होते जा रहे जल संकट को देखकर भी हम सचेत नहीं हो रहे, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।वैज्ञानिक,पर्यावरणविद और अन्य लोकहितकारी स...

February 8, 2022

अब बहुत हुआ ऑनलाइन

अब बहुत हुआ ऑनलाइन
कोरोना महामारी ने दुनिया को बदल कर रख दिया है इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता।इसने मिलना-जुलना,आपसी व्यवहार,कारोबार,शिक्षा और चिकित्सा के स...

February 7, 2022

आसमान से

आसमान से
नमस्कार मित्रो 🙏🙏 हज़रत दाग़ देहलवी साहब बहुत बड़े शायर गुज़रे हैं।उन्होंने शायरी को जिस मुक़ाम तक पहुँचाया वो हम जैसे सुख़नवरों के लिए एक दर्स ...

February 6, 2022

हे!ऋतुराज वसंत जी बहुत-बहुत आभार

हे!ऋतुराज वसंत जी बहुत-बहुत आभार
             हे ! ऋतुराज वसंत जी, बहुत-बहुत आभार        ******************************** कल वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय पल्लव काव्य ...

February 4, 2022

साहित्यकार स्मृतिशेष श्री हीरालाल "किरण"

साहित्यकार स्मृतिशेष श्री हीरालाल "किरण"
नमस्कार मित्रो🙏🙏 आज रामपुर-उ0प्र0 के एक ऐसे साहित्यकार के संबंध में आपके साथ संस्मरण साझा करने का मन हो रहा है जो जीवनपर्यंत बहुत ही साधार...

February 1, 2022

जो मुददआ नहीं है उसे -----

जो मुददआ नहीं है उसे -----
सादर प्रणाम मित्रो🙏🙏 आज साहित्यिक संस्था विद्योत्तमा फाउंडेशन नाशिक,महाराष्ट्र से साहित्यिक सेवाओं हेतु सम्मान पत्र प्राप्त हुआ जो आप सब क...

January 31, 2022

संविधान का मान

संविधान का मान
कुंडलिया :  ********          ---ओंकार सिंह विवेक -------------------------------------------------- जागे  सबकी  चेतना,रखें  सभी यह ध्यान, स...

January 28, 2022

जिसकी बनती हो बने----

जिसकी बनती हो बने----
कुंडलिया---ओंकार सिंह विवेक          सर्वाधिकार सुरक्षित 🌷 जिसकी  बनती  हो  बने, सूबे  में  सरकार, हर  दल   में  हैं  एक-दो, उनके  रिश्तेदा...

January 26, 2022

लग रहा है डर हमें उनकी इनायत देखकर

लग रहा है डर हमें उनकी इनायत देखकर
ग़ज़ल--ग़ज़ल-ग़ज़ल   बस यही एक जुनून है मुझे ।अपने भावों को काव्य रूप में अभिव्यक्त करने के लिए मेरी पसंदीदा विधा यही है।यद्यपि रस परिवर्तन के लिए...

January 23, 2022

फ़िक्र फूली-फली नहीं होती----तो

फ़िक्र फूली-फली नहीं होती----तो
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक ©️ फ़िक्र   फूली-फली    नहीं  होती, तो    हसीं   शायरी   नहीं  होती। ख़ास लोगों से ही है दिल मिलता, सबसे   तो   दोस्ती  ...

January 22, 2022

झूठ पर झूठ वो बोलता रह गया

झूठ पर झूठ वो बोलता रह गया
बार-बार चिंतन को विवश करती और ह्रदय को झकझोरने वाली कड़वी सच्चाइयां सृजन का आधार बनती ही हैं।और फिर बने भीं क्यों नहीं,यह भाव ही तो अहसास करा...

January 21, 2022

चुनावी मौसम : एक नवगीत

चुनावी मौसम : एक नवगीत
चित्र-गूगल से साभार आज एक नवगीत चुनावी मौसम के नाम ********************************     --©️ओंकार सिंह विवेक राजनीति के कुशल मछे...

January 16, 2022

चुनावी मौसम पर कुंडलिया

चुनावी मौसम पर कुंडलिया
कुंडलिया : चुनावी मौसम            --ओंकार सिंह विवेक खाया  जिस  घर  रात-दिन,नेता जी ने  माल, नहीं  भा  रही  अब  वहाँ, उनको  रोटी-दाल। उनको  ...

January 13, 2022

लोहड़ी व मकर संक्रांति

लोहड़ी व मकर संक्रांति
💥दोहे:मकर संक्रांति पर💥                   -–-ओंकार सिंह विवेक  💥   सूरज  दादा  चल   दिए ,अब  उत्तर  की  ओर,   शनैः-शनैः  कम  हो रहा,शीत  ...

January 12, 2022

हाड़ कँपाती सर्दी आई है

हाड़ कँपाती सर्दी आई है

वृक्षों के संरक्षण को लेकर

वृक्षों के संरक्षण को लेकर
           कुंडलिया          ---ओंकार सिंह विवेक ********************************* देते   हैं  सबको  यहाँ,प्राणवायु   का   दान, फिर भी वृक्ष...

January 8, 2022

बड़ी दिलकश तुम्हारी शायरी है

बड़ी दिलकश तुम्हारी शायरी है
ग़ज़ल--  ©️ओंकार सिंह विवेक ©️ यूँ   लगता   है,  गुलों   की  ताज़गी  है, बड़ी    दिलकश   तुम्हारी   शायरी   है। कमी   कुछ  आपसी   विश्वास   की  ...

January 6, 2022

कुंडलिया : सर्दी के नाम

कुंडलिया : सर्दी के नाम
कुंडलिया  ******         ----ओंकार सिंह विवेक सर्दी  से   यह  ज़िंदगी , जंग   रही  है  हार, हे भगवन! अब  धूप का,खोलो  थोड़ा द्वार। खोलो   थोड़ा...

January 1, 2022

मिला है ख़ुश्क दरिया देखने को

मिला है ख़ुश्क दरिया देखने को
ग़ज़ल-- ©️ओंकार सिंह 'विवेक' ©️ मिला  है  ख़ुश्क  दरिया  देखने को, मिलेगा  और  क्या-क्या देखने को। किसी  मुद्दे  पे  सब  ही एकमत हों, क...

December 31, 2021

नए साल की पूर्व संध्या पर काव्य गोष्ठी

नए साल की पूर्व संध्या पर काव्य गोष्ठी
आज वर्ष 2021 के अंतिम दिन अर्थात वर्ष 2022 की पूर्व संध्या पर  उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की रामपुर इकाई के ज़िला अध्यक्ष श्र...

नया साल : एक कामना

नया साल : एक कामना
नया साल- एक कामना        ---ओंकार सिंह विवेक गए   साल  जैसा   नहीं   हाल  होगा, तवक़्क़ो  है  अच्छा  नया साल होगा। न  होगा  फ़क़त  फाइलों-काग़ज़ों...

December 30, 2021

सर्दी के नाम

सर्दी के नाम
अक्सर लोग कहते हैं कि आदमी को चैन कहाँ है? गर्मी में बहुत गर्मी की ,बरसात में बहुत बारिश की और सर्दी में  कड़क ठंड की शिकायत करता ही रहता है।...

December 25, 2021

अटल जी की स्मृति में

अटल जी की स्मृति में
अटल जी की स्मृति में कहे गए कुछ दोहे *******************************              ---©️  ओंकार सिंह विवेक 🌷  नैतिक  मूल्यों  का किया ,सदा म...

December 21, 2021

अब एक भी दरख़्त पे पत्ता नहीं रहा

अब एक भी दरख़्त पे पत्ता नहीं रहा
इस ग़ज़ल पर लोकप्रिय फेसबुक साहित्यिक पटल "ग़ज़लों की दुनिया" में शताधिक साहित्य मनीषियों के उत्साहजनक कमेंट्स प्राप्त हुए सो आप सब के...

December 19, 2021

एक नवगीत सामाजिक विसंगतियों और विरोधाभासों के नाम

एक नवगीत सामाजिक विसंगतियों और विरोधाभासों के नाम
आज एक नवगीत सामाजिक विरोधाभासों  और विसंगतियों के नाम  *******************************  ---  ©️ओंकार सिंह विवेक सच की फौजों पर अब,   झूठों क...

December 13, 2021

घर से निकल पड़े हैं तीर-ओ-कमान लेकर

घर से निकल पड़े हैं तीर-ओ-कमान लेकर
मित्रो सादर प्रणाम🙏🙏 समाज में या हमारे आस-पास जो कुछ घटित हो रहा होता है यों तो उसे सभी देखते हैं परंतु एक साहित्यकार हर घटना या दृश्य को ...

December 11, 2021

सर्दी का नवगीत : अलसाई-सी धूप

सर्दी का नवगीत : अलसाई-सी धूप
आज एक नवगीत : सर्दी के नाम  *************************       --  ©️ओंकार सिंह विवेक छत पर आकर बैठ गई है, अलसाई-सी धूप। सर्द हवा खिड़की से आकर,...

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दिल की बात ग़ज़ल के साथ

आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ :                     ग़ज़ल       ...