November 27, 2021

धुर विरोधी दलों में भी यारी हुई

धुर विरोधी दलों में भी यारी हुई
नमस्कार साथियो🙏🙏 कुछ भी कहिए ग़ज़ल विधा के साथ एक आसानी तो है कि इसका हर शेर पहले से जुदा होता है और अलग-अलग शेरों में अलग-अलग कथ्य पिरोए जा...

November 25, 2021

एक अनूठा प्रयोग : टैगोर काव्य गोष्ठी

एक अनूठा प्रयोग : टैगोर काव्य गोष्ठी
आज राजकली देवी शैक्षिक पुस्तकालय (टैगोर स्कूल), पीपल टोला ,रामपुर में  प्रसिद्ध सर्राफ,समाजसेवी तथा साहित्यकार  टैगोर  स्कूल के  प्रबंधक श्र...

November 22, 2021

माँ का आशीष फल गया होगा

माँ का आशीष फल गया होगा
दोस्तो हाज़िर है एक नई ग़ज़ल फिर से आपकी अदालत में 2   1 2   2  1  2  1  2       2  2/1 1 2 फ़ाइलातुन    मुफाइलुन    फ़ेलुन/फ़इलुन ग़ज़...

November 17, 2021

आँसुओं की ख़ुद्दारी

आँसुओं की ख़ुद्दारी
मनुष्य के हर हाव-भाव और भावभंगिमा तथा अभिव्यक्ति का अपना महत्व है। अब आँसुओं को ही ले लीजिए, इनका भी अपना स्वाभिमान होता है । आँ...

November 11, 2021

"दर्द का अहसास"--एक समीक्षा

"दर्द का अहसास"--एक समीक्षा
इंदौर,मध्य प्रदेश की सुप्रसिद्ध साहित्यकार और समाज सेविका आदरणीया तृप्ति मिश्रा साहिबा ने मेरे ग़ज़ल संग्रह दर्द का अहसास की समीक्षा लिखकर प्र...

November 10, 2021

उम्र भर उपकार कर

उम्र भर उपकार कर
शुभ संध्या🙏🙏 सभी ग़ज़ल प्रेमी साहित्य मनीषियों का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन । प्रस्तुत है मेरी बहुत आसान बह्र में कही गई एक ग़ज़ल जिसमें अध...

November 8, 2021

शेरों में ढाल के

शेरों में ढाल के
ग़ज़ल -- ©️ओंकार सिंह विवेक ©️ बेशक  कई   जवाब   दिए  इक  सवाल  के, पर उसके सब जवाब थे सचमुच कमाल के। हज़रत  किया  था  हमने  तो आगाह बारहा,   फ...

November 6, 2021

दर्द का अहसास

   कृति-   "दर्द का अहसास" ग़ज़ल संग्रह कृतिकार- ओंकार सिंह विवेक समीक्षक-- अशोक कुमार वर्मा   अवकाशप्राप्त आई0पी0एस0 दर्द का अहसास...

November 3, 2021

पुस्तक समीक्षा-- "दर्द का अहसास "

पुस्तक समीक्षा-- "दर्द का अहसास "
             दर्द का अहसास : संवेदनाओं का संकलन              -------------------------------------------------- 'औरतों से बातचीत'रही...

November 2, 2021

शुभ दीपावली

शुभ दीपावली
दोहे--शुभ दीपावली : धनवर्षा : अमृत वर्षा ********************************       -- ©️ ओंकार सिंह विवेक ©️ हो जाए  हर  गेह  में , लक्ष्मी  जी...

October 31, 2021

देशप्रेम

देशप्रेम
आज़ादी का अमृत महोत्सव : दो मुक्तक                                ---©️ ओंकार सिंह विवेक शान  तिरंगा  है ,  हम  सबकी   जान   तिरंगा  है, वीर ...

October 29, 2021

पुस्तक समीक्षा

पुस्तक समीक्षा
              पुस्तक समीक्षा               ************ कृति      :  काव्य-ज्योति कृतिकार :रामरतन यादव रतन समीक्षक  :ओंकार सिंह विवेक भाई रा...

October 25, 2021

पुस्तक विमोचन समारोह

पुस्तक विमोचन समारोह
रविवार दिनाँक 24 अक्टूबर,2021 को खटीमा,उत्तराखंड में विनम्र स्वभाव के धनी कवि एवं अध्यापक  भाई श्री रामरतन यादव रतन जी के स्नेहिल आमंत्रण पर...

October 22, 2021

नगर में अब वो नज़्ज़ारे नहीं हैं

नगर में अब वो नज़्ज़ारे नहीं हैं
ग़ज़ल-- ©️ओंकार सिंह विवेक मुफ़ाईलुन   मुफ़ाईलुन    फ़ऊलुन ©️ खिले - से   चौक - चौबारे   नहीं   है, नगर  में  अब   वो   नज़्ज़ारे  नहीं  हैं। बचाते...

October 15, 2021

फ़िक्र के पंछियों को उड़ाया बहुत

फ़िक्र के पंछियों को उड़ाया बहुत
ग़ज़ल-- ©️ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ फ़िक्र  के  पंछियों   को   उड़ाया  बहुत, उसने  अपने सुख़न को सजाया बहुत। हौसले   में   न   आ...

October 10, 2021

आग से माली के रिश्ते हो गए

आग से माली के रिश्ते हो गए
फ़ाइलातुन    फ़ाइलातुन   फ़ाइलुन ग़ज़ल-- ©️ओंकार सिंह विवेक ©️ आग   से   माली   के   रिश्ते   हो  गए, बाग़  को  ख़तरे  ही   ख़तरे   हो  गए। साथ   मे...

September 29, 2021

रात का एक ही बजा है अभी

रात का एक ही बजा है अभी
फ़ाइलातुन   फ़ेलुन/फ़इलुन ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक ©️ रात   का   एक  ही  बजा है  अभी, यार  घंटों  का    रतजगा  है  अभी। हाथ    यूँ    रोज़    ही   ...

September 20, 2021

कविसम्मेलन व साहित्यकार सम्मान समारोह

कविसम्मेलन व साहित्यकार सम्मान समारोह
पल्लव काव्य मंच रामपुर,उ0प्र0 द्वारा कवि सम्मेलन एवं साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन ********************************** हिंदी पखवाड़े के अं...

September 11, 2021

याद फिर उनकी दिलाने पे तुली है दुनिया

याद फिर उनकी दिलाने पे तुली है दुनिया
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ याद  फिर  उनकी  दिलाने  पे  तुली है दुनिया, चैन  इस  दिल  का  मिटाने पे तुली है दुनिया। चोर...

August 23, 2021

सभी को हमसे दिक़्क़त हो गई है

सभी को हमसे दिक़्क़त हो गई है
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710   ©️ हमें   सच  से  क्या  रग़बत  हो गई  है, सभी  को  हमसे  दिक़्क़त  हो  गई है। कभी होती  थी  जन ...

August 22, 2021

क्या बतलाएँ दिल को कैसा लगता है

क्या बतलाएँ दिल को कैसा लगता है
ग़ज़ल***ओंकार सिंह विवेक ©️ क्या  बतलाएँ दिल को कैसा  लगता  है, बदला-सा जब उनका लहजा लगता है। रोज़  पुलाव  पकाओ आप ख़यालों के, इसमे   कोई    पाई...

August 1, 2021

हाँ, जीवन नश्वर होता है

हाँ, जीवन नश्वर होता है
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️  हाँ , जीवन   नश्वर   होता   है, मौत का फिर भी डर होता है। शेर   नहीं   होते  हफ़्तों   तक,...

July 25, 2021

गुलों में ताज़गी आए कहाँ से

गुलों में ताज़गी आए कहाँ से
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक दिनाँक- 24.07.2021 चित्र--गूगल से साभार ©️ चमन   है   रूबरू  पैहम    ख़िज़ाँ  से, गुलों    ...

July 18, 2021

सुना करता हूँ मैं यह बात माँ से

सुना करता हूँ मैं यह बात माँ से
दोस्तो नमस्कार🙏🏻🙏🏻 यों तो सृष्टि में जो कुछ भी विद्यमान है वह सब कुछ हर आदमी की नज़र से गुज़रता है परंतु एक कवि या  साहित्यकार दुनिया की ह...

July 16, 2021

तो गुज़रेगी क्या सोचिए रौशनी पर

तो गुज़रेगी क्या सोचिए रौशनी पर
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ सभी   फ़ख़्र   करने   लगें  तीरगी  पर, तो  गुज़रेगी क्या सोचिए  रौशनी पर। सर-ए-आम ईमान  जब  बि...

July 15, 2021

स्मृतिशेष अटल जी की जयंती पर

स्मृतिशेष अटल जी की जयंती पर
अगर अटल जी को एक नए भारत की परिकल्पना करने वाले श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी जाए तो ग़लत नहीं होगा। अटल जी को उनकी जन्म तिथि पर याद करते ...

July 12, 2021

राष्ट्रीय कवि गोष्ठी-संस्कार भारती वाराणसी

राष्ट्रीय कवि गोष्ठी-संस्कार भारती वाराणसी
11/07/2021 हे राष्ट्र तुम्हारा अभिनंदन ! आज संस्कार भारती-वाराणसी (उ.प्र) द्वारा वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ प्रेरणा चतुर्वेदी के संयोज...

July 11, 2021

शहनाइयाँ अच्छी लगीं

शहनाइयाँ अच्छी लगीं
ग़ज़ल---ओंकार सिंह विवेक ****************** फ़ाइलातुन    फ़ाइलातुन    फ़ाइलातुन    फ़ाइलुन मौसमे - बरसात     की    तैयारियाँ   अच्छी   लगीं, ख़ुश्क...

July 6, 2021

मानवीय सरोकार

मानवीय सरोकार
दोस्तो काफ़ी दिन बाद आपसे फिर मुख़ातिब हूँ अपनी मानवीय सरोकारों से जुड़ी एक ग़ज़ल लेकर--  ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक ©️  ये  आदमी  ने   यह...

July 1, 2021

कच्चा घर नहीं होता

कच्चा घर नहीं होता
ग़ज़ल***ओंकार सिंह विवेक    फ़ाइलुन  मुफ़ाईलुन   फ़ाइलुन   मुफ़ाईलुन ©️  गर  हमारी क़िस्मत में कच्चा घर नहीं होता, तो  हमें भी बारिश  का कोई डर नही...

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दिल की बात ग़ज़ल के साथ

आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ :                     ग़ज़ल       ...