ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ सभी फ़ख़्र करने लगें तीरगी पर, तो गुज़रेगी क्या सोचिए रौशनी पर। सर-ए-आम ईमान जब बि...
आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ : ग़ज़ल ...