December 13, 2021
घर से निकल पड़े हैं तीर-ओ-कमान लेकर
मित्रो सादर प्रणाम🙏🙏 समाज में या हमारे आस-पास जो कुछ घटित हो रहा होता है यों तो उसे सभी देखते हैं परंतु एक साहित्यकार हर घटना या दृश्य को ...
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December 11, 2021
सर्दी का नवगीत : अलसाई-सी धूप
आज एक नवगीत : सर्दी के नाम ************************* -- ©️ओंकार सिंह विवेक छत पर आकर बैठ गई है, अलसाई-सी धूप। सर्द हवा खिड़की से आकर,...
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December 9, 2021
दोहे सर्दी के
दोहे सर्दी के ******///*********** --ओंकार सिंह विवेक (सर्वाधिकार सुरक्षित) चल उठ देनी है हमें, अब सर्दी को मात, बहिन र...
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December 7, 2021
वरिष्ठता-ज्ञान तथा अनुभव
वरिष्ठता-ज्ञान तथा अनुभव---एक विचार साथियो यथायोग्य अभिवादन🙏🙏 आज अपने अनुभव के आधार पर एक संवेदनशील विषय पर कुछ लिखने का मन हुआ सो लिख रह...
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December 4, 2021
माँ का आशीष फल गया होगा
दोस्तो हाज़िर है एक ताज़ा ग़ज़ल-- फ़ाइलातुन मुफाइलुन फ़ेलुन/फ़इलुन ग़ज़ल-- ©️ओंकार सिंह विवेक ©️ माँ का आशीष फल गया होगा, गिर के बेटा ...
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December 1, 2021
आज कुछ दोहे यों भी
साथियो नमस्कार🙏🙏 आज काफ़ी दिन बाद किसी आवश्यक कार्य से रामपुर-उ0प्र0 से गुरुग्राम-हरियाणा जाते समय कुछ दोहे सृजित हुए जो आपके ...
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November 27, 2021
धुर विरोधी दलों में भी यारी हुई
नमस्कार साथियो🙏🙏 कुछ भी कहिए ग़ज़ल विधा के साथ एक आसानी तो है कि इसका हर शेर पहले से जुदा होता है और अलग-अलग शेरों में अलग-अलग कथ्य पिरोए जा...
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November 25, 2021
एक अनूठा प्रयोग : टैगोर काव्य गोष्ठी
आज राजकली देवी शैक्षिक पुस्तकालय (टैगोर स्कूल), पीपल टोला ,रामपुर में प्रसिद्ध सर्राफ,समाजसेवी तथा साहित्यकार टैगोर स्कूल के प्रबंधक श्र...
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November 22, 2021
माँ का आशीष फल गया होगा
दोस्तो हाज़िर है एक नई ग़ज़ल फिर से आपकी अदालत में 2 1 2 2 1 2 1 2 2 2/1 1 2 फ़ाइलातुन मुफाइलुन फ़ेलुन/फ़इलुन ग़ज़...
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November 17, 2021
आँसुओं की ख़ुद्दारी
मनुष्य के हर हाव-भाव और भावभंगिमा तथा अभिव्यक्ति का अपना महत्व है। अब आँसुओं को ही ले लीजिए, इनका भी अपना स्वाभिमान होता है । आँ...
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November 11, 2021
"दर्द का अहसास"--एक समीक्षा
इंदौर,मध्य प्रदेश की सुप्रसिद्ध साहित्यकार और समाज सेविका आदरणीया तृप्ति मिश्रा साहिबा ने मेरे ग़ज़ल संग्रह दर्द का अहसास की समीक्षा लिखकर प्र...
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November 10, 2021
उम्र भर उपकार कर
शुभ संध्या🙏🙏 सभी ग़ज़ल प्रेमी साहित्य मनीषियों का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन । प्रस्तुत है मेरी बहुत आसान बह्र में कही गई एक ग़ज़ल जिसमें अध...
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November 8, 2021
शेरों में ढाल के
ग़ज़ल -- ©️ओंकार सिंह विवेक ©️ बेशक कई जवाब दिए इक सवाल के, पर उसके सब जवाब थे सचमुच कमाल के। हज़रत किया था हमने तो आगाह बारहा, फ...
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November 6, 2021
दर्द का अहसास
कृति- "दर्द का अहसास" ग़ज़ल संग्रह कृतिकार- ओंकार सिंह विवेक समीक्षक-- अशोक कुमार वर्मा अवकाशप्राप्त आई0पी0एस0 दर्द का अहसास...
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November 3, 2021
पुस्तक समीक्षा-- "दर्द का अहसास "
दर्द का अहसास : संवेदनाओं का संकलन -------------------------------------------------- 'औरतों से बातचीत'रही...
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November 2, 2021
शुभ दीपावली
दोहे--शुभ दीपावली : धनवर्षा : अमृत वर्षा ******************************** -- ©️ ओंकार सिंह विवेक ©️ हो जाए हर गेह में , लक्ष्मी जी...
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October 31, 2021
देशप्रेम
आज़ादी का अमृत महोत्सव : दो मुक्तक ---©️ ओंकार सिंह विवेक शान तिरंगा है , हम सबकी जान तिरंगा है, वीर ...
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October 29, 2021
पुस्तक समीक्षा
पुस्तक समीक्षा ************ कृति : काव्य-ज्योति कृतिकार :रामरतन यादव रतन समीक्षक :ओंकार सिंह विवेक भाई रा...
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October 25, 2021
पुस्तक विमोचन समारोह
रविवार दिनाँक 24 अक्टूबर,2021 को खटीमा,उत्तराखंड में विनम्र स्वभाव के धनी कवि एवं अध्यापक भाई श्री रामरतन यादव रतन जी के स्नेहिल आमंत्रण पर...
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October 22, 2021
नगर में अब वो नज़्ज़ारे नहीं हैं
ग़ज़ल-- ©️ओंकार सिंह विवेक मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन फ़ऊलुन ©️ खिले - से चौक - चौबारे नहीं है, नगर में अब वो नज़्ज़ारे नहीं हैं। बचाते...
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October 15, 2021
फ़िक्र के पंछियों को उड़ाया बहुत
ग़ज़ल-- ©️ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ फ़िक्र के पंछियों को उड़ाया बहुत, उसने अपने सुख़न को सजाया बहुत। हौसले में न आ...
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October 10, 2021
आग से माली के रिश्ते हो गए
फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन ग़ज़ल-- ©️ओंकार सिंह विवेक ©️ आग से माली के रिश्ते हो गए, बाग़ को ख़तरे ही ख़तरे हो गए। साथ मे...
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October 7, 2021
झूठी क़समें खाना बंद करो
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September 29, 2021
रात का एक ही बजा है अभी
फ़ाइलातुन फ़ेलुन/फ़इलुन ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक ©️ रात का एक ही बजा है अभी, यार घंटों का रतजगा है अभी। हाथ यूँ रोज़ ही ...
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September 20, 2021
कविसम्मेलन व साहित्यकार सम्मान समारोह
पल्लव काव्य मंच रामपुर,उ0प्र0 द्वारा कवि सम्मेलन एवं साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन ********************************** हिंदी पखवाड़े के अं...
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September 11, 2021
याद फिर उनकी दिलाने पे तुली है दुनिया
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ याद फिर उनकी दिलाने पे तुली है दुनिया, चैन इस दिल का मिटाने पे तुली है दुनिया। चोर...
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August 29, 2021
सच्चे बोल पड़ते हैं
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August 23, 2021
सभी को हमसे दिक़्क़त हो गई है
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ हमें सच से क्या रग़बत हो गई है, सभी को हमसे दिक़्क़त हो गई है। कभी होती थी जन ...
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August 22, 2021
क्या बतलाएँ दिल को कैसा लगता है
ग़ज़ल***ओंकार सिंह विवेक ©️ क्या बतलाएँ दिल को कैसा लगता है, बदला-सा जब उनका लहजा लगता है। रोज़ पुलाव पकाओ आप ख़यालों के, इसमे कोई पाई...
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August 1, 2021
हाँ, जीवन नश्वर होता है
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ हाँ , जीवन नश्वर होता है, मौत का फिर भी डर होता है। शेर नहीं होते हफ़्तों तक,...
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ताना-बाना
नई ग़ज़ल का आनंद लीजिए साथियो 🥀🥀🙏🙏 ग़ज़ल **** इतने उलझे संबंधों के ताने-बाने हैं, अपने ...
प्रथमा यू पी ग्रामीण बैंक सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति के दो प्रमुख आधार स्तंभ
(प्रथमा यू पी ग्रामीण बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार तोमर जी एवं महासचिव श्री इरफ़ान आलम जी) मित्रो संग...
जीवन-यात्रा
बहुुुत कम लोग ऐसे होते हैैं जिनको अपनी रुचि के अनुुुसार जॉब मिलता है।अक्सर देेखने में आता है कि लोगो को अपनी रुचि से मेल न खाते...
प्रथमा यू पी ग्रामीण बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति की रामपुर में बैठक संपन्न
शुभ प्रभात मित्रो 🌹🌹🙏🙏 संगठन में ही शक्ति निहित होती है यह बात हम बाल्यकाल से ही एक नीति कथा के माध्यम से जानते-पढ़ते और सीखते आ रहे हैं...