दोहे सर्दी के ******///*********** --ओंकार सिंह विवेक (सर्वाधिकार सुरक्षित) चल उठ देनी है हमें, अब सर्दी को मात, बहिन र...
नमस्कार मित्रो 🥀🥀🙏🙏 लीजिए पेश हैं मेरे दूसरे ग़ज़ल संग्रह 'कुछ मीठा कुछ खारा' की भिन्न-भिन्न ग़ज़लों से लिए गए कुछ शे'र।आशा ...