September 29, 2021

रात का एक ही बजा है अभी

रात का एक ही बजा है अभी
फ़ाइलातुन   फ़ेलुन/फ़इलुन ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक ©️ रात   का   एक  ही  बजा है  अभी, यार  घंटों  का    रतजगा  है  अभी। हाथ    यूँ    रोज़    ही   ...

September 20, 2021

कविसम्मेलन व साहित्यकार सम्मान समारोह

कविसम्मेलन व साहित्यकार सम्मान समारोह
पल्लव काव्य मंच रामपुर,उ0प्र0 द्वारा कवि सम्मेलन एवं साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन ********************************** हिंदी पखवाड़े के अं...

September 11, 2021

याद फिर उनकी दिलाने पे तुली है दुनिया

याद फिर उनकी दिलाने पे तुली है दुनिया
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ याद  फिर  उनकी  दिलाने  पे  तुली है दुनिया, चैन  इस  दिल  का  मिटाने पे तुली है दुनिया। चोर...

August 23, 2021

सभी को हमसे दिक़्क़त हो गई है

सभी को हमसे दिक़्क़त हो गई है
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710   ©️ हमें   सच  से  क्या  रग़बत  हो गई  है, सभी  को  हमसे  दिक़्क़त  हो  गई है। कभी होती  थी  जन ...

August 22, 2021

क्या बतलाएँ दिल को कैसा लगता है

क्या बतलाएँ दिल को कैसा लगता है
ग़ज़ल***ओंकार सिंह विवेक ©️ क्या  बतलाएँ दिल को कैसा  लगता  है, बदला-सा जब उनका लहजा लगता है। रोज़  पुलाव  पकाओ आप ख़यालों के, इसमे   कोई    पाई...

August 1, 2021

हाँ, जीवन नश्वर होता है

हाँ, जीवन नश्वर होता है
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️  हाँ , जीवन   नश्वर   होता   है, मौत का फिर भी डर होता है। शेर   नहीं   होते  हफ़्तों   तक,...

July 25, 2021

गुलों में ताज़गी आए कहाँ से

गुलों में ताज़गी आए कहाँ से
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक दिनाँक- 24.07.2021 चित्र--गूगल से साभार ©️ चमन   है   रूबरू  पैहम    ख़िज़ाँ  से, गुलों    ...

July 18, 2021

सुना करता हूँ मैं यह बात माँ से

सुना करता हूँ मैं यह बात माँ से
दोस्तो नमस्कार🙏🏻🙏🏻 यों तो सृष्टि में जो कुछ भी विद्यमान है वह सब कुछ हर आदमी की नज़र से गुज़रता है परंतु एक कवि या  साहित्यकार दुनिया की ह...

July 16, 2021

तो गुज़रेगी क्या सोचिए रौशनी पर

तो गुज़रेगी क्या सोचिए रौशनी पर
ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ©️ सभी   फ़ख़्र   करने   लगें  तीरगी  पर, तो  गुज़रेगी क्या सोचिए  रौशनी पर। सर-ए-आम ईमान  जब  बि...

July 15, 2021

स्मृतिशेष अटल जी की जयंती पर

स्मृतिशेष अटल जी की जयंती पर
अगर अटल जी को एक नए भारत की परिकल्पना करने वाले श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी जाए तो ग़लत नहीं होगा। अटल जी को उनकी जन्म तिथि पर याद करते ...

July 12, 2021

राष्ट्रीय कवि गोष्ठी-संस्कार भारती वाराणसी

राष्ट्रीय कवि गोष्ठी-संस्कार भारती वाराणसी
11/07/2021 हे राष्ट्र तुम्हारा अभिनंदन ! आज संस्कार भारती-वाराणसी (उ.प्र) द्वारा वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ प्रेरणा चतुर्वेदी के संयोज...

July 11, 2021

शहनाइयाँ अच्छी लगीं

शहनाइयाँ अच्छी लगीं
ग़ज़ल---ओंकार सिंह विवेक ****************** फ़ाइलातुन    फ़ाइलातुन    फ़ाइलातुन    फ़ाइलुन मौसमे - बरसात     की    तैयारियाँ   अच्छी   लगीं, ख़ुश्क...

July 6, 2021

मानवीय सरोकार

मानवीय सरोकार
दोस्तो काफ़ी दिन बाद आपसे फिर मुख़ातिब हूँ अपनी मानवीय सरोकारों से जुड़ी एक ग़ज़ल लेकर--  ग़ज़ल--ओंकार सिंह विवेक ©️  ये  आदमी  ने   यह...

July 1, 2021

कच्चा घर नहीं होता

कच्चा घर नहीं होता
ग़ज़ल***ओंकार सिंह विवेक    फ़ाइलुन  मुफ़ाईलुन   फ़ाइलुन   मुफ़ाईलुन ©️  गर  हमारी क़िस्मत में कच्चा घर नहीं होता, तो  हमें भी बारिश  का कोई डर नही...

June 21, 2021

Yoga Day Special

Yoga Day Special
 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कुछ दोहे   ***************************                   ---ओंकार सिंह विवेक ©️  होता  है  इस  बात पर , हमें  गर्...

June 20, 2021

फादर्स-डे स्पेशल

फादर्स-डे स्पेशल
आज पिता-दिवस पर पिता श्री को समर्पित एक ग़ज़ल ********************         ---- ओंकार सिंह विवेक 🌹 मफ़ऊ लु    मफ़ाईलु    मफ़ाईलु    फ़ऊलुन ©️  मे...

June 14, 2021

दो बोल प्यार के

दो बोल प्यार के
ग़ज़ल---ओंकार सिंह विवेक ©️ दो  बोल  जिसने  बोल  दिए  हँसके  प्यार के, हम उसके होके रह गए इस दिल को हार के। ये    नौजवान   कै...

June 11, 2021

पुख़्ता तैयारी है

पुख़्ता तैयारी है
 ग़ज़ल**ओंकार सिंह विवेक   ©️  बंद  भले   ही  सरहद  पर  अब  गोलीबारी  है,  पर  हमसाये  की  साज़िश  वैसे  ही  जारी  है। जान गए  कुछ देर की बारिश...

June 3, 2021

समीक्षा : एक दुष्कर कार्य

समीक्षा : एक दुष्कर कार्य
बात साहित्य सृजन की आती है तो कथ्य-तथ्य-शिल्प-भाव-कला और शब्द-संयोजन जैसे शब्दों के साथ ही एक शब्द और है जो मस्तिष्क में आता है।वह शब्द है स...

June 1, 2021

जब दिये ही नहीं जलाए हैं

जब दिये ही नहीं जलाए हैं
नमस्कार मित्रो🙏🏻🙏🏻 सोचा काफ़ी दिन हो गए ,चलो साहित्यिक अभिव्यक्ति को  लेकर कुछ बात की जाए। यों तो आस-पास घटित हो रही तमाम घटनाओं और मन मे...

May 21, 2021

अँधेरे से ही तो उजाला है

अँधेरे से ही तो उजाला है
शुभ प्रभात मित्रों🙏🙏 शीर्षक पढ़कर आपको लगा होगा कि यह कैसी अटपटी-सी  बात है।यदि हम गहराई से सोचें तो इस कथन के पीछे  छुपी  सच्चाई समझ में आ...

May 17, 2021

दोहे : गंगा मैया

दोहे : गंगा मैया
दोहे : गंगा माई **********      ----©️ ओंकार सिंह विवेक 💥 जटा   खोलकर  रुद्र   ने , छोड़ी  जिसकी  धार, नमन   करें   उस   गंग   को ,  आओ   बा...

April 24, 2021

गुलशन फिर मुस्काएगा

गुलशन फिर मुस्काएगा
आज दुनिया को कोरोना वायरस ने बता दिया है की हथियारों या उपभोग के सामान के उत्पादन के बजाए जीवन रक्षक चीजों के उत्पादन और संरक्षण की ज़ियादा आ...

April 22, 2021

Positivity-Positivity And Positivity

Positivity-Positivity And Positivity
सकारात्मकता-सकारात्मकता और सकारात्मकता आज विश्वव्यापी वबा के कारण हम सब  में  ही भय व्याप्त है। ऐसे में अपने ऊर्जा और आत्मविश्वास को बनाए रख...

April 13, 2021

सत्ता के गलियारों में

सत्ता के गलियारों में
ग़ज़ल----ओंकार सिंह विवेक    मोबाइल 9897214710 रोज़ ख़बर छप जाया करती अपनी भी अख़बारों में, पैठ   बना   लेते  जो  शासन- सत्ता  के गलियारों  मे...

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दिल की बात ग़ज़ल के साथ

आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ :                     ग़ज़ल       ...