हिंदी और उर्दू साहित्य जगत में मुंशी प्रेमचंद जी की शख़्सियत किसी परिचय की मोहताज नहीं है।अपनी कहानियों और उपन्यासों में तत्कालीन समाज को लेक...
आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ : ग़ज़ल ...