आज एक नवगीत सामाजिक विरोधाभासों और विसंगतियों के नाम ******************************* --- ©️ओंकार सिंह विवेक सच की फौजों पर अब, झूठों क...
आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ : ग़ज़ल ...