June 30, 2022

बज़्म-ए-अंदाज़-ए-बयां

बज़्म-ए-अंदाज़-ए-बयां
शुभ प्रभात साथियो 🙏🙏🌹🌹 यों तो सोशल मीडिया/फेसबुक पर कोरोना काल से पहले भी काफ़ी साहित्यिक ग्रुप्स सक्रिय रहे हैं परंतु कोरोना काल में इन...

June 29, 2022

छत पर आकर बैठ गई है अलसाई-सी धूप

छत पर आकर बैठ गई है अलसाई-सी धूप
मित्रो प्रणाम🙏🙏 गीत हिंदी साहित्य की एक बहुत ही कोमल विधा है।इसमें रचनाकार किसी एक विषय को लेकर बहुत ही श्रेष्ठशब्द चयन के द्वारा गीत के श...

June 27, 2022

आओ पर्यावरण बचाएं

आओ पर्यावरण बचाएं
मित्रो शुभ प्रभात🙏🙏 पर्यावरण को लेकर दुनिया के तमाम देश चिंता दिखाते तो नज़र आते हैं परंतु धरातल पर कुछ ठोस कर दिखाने में अक्सर इच्छा शक्त...

June 24, 2022

जो ग़ज़लों को रवानी दे रही है

जो ग़ज़लों को रवानी दे रही है
दोस्तो शुभ प्रभात/प्रणाम/नमस्कार🌹🌹🙏🙏 यह मेरे लिए गर्व की बात है की मुझे हर दिन ही कविता या शायरी के बहाने अपने दिल की बात आप तक पहुंचाने...

June 23, 2022

द्रौपदी मुर्मू

द्रौपदी मुर्मू
       द्रौपदी मुर्मू        ******** देश में 15 वें राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मियां शुरू हो चुकी हैं।होना तो यह चाहिए था कि इस सर्वोच्च संवै...

June 21, 2022

योग दिवस/ Yoga Day

योग दिवस/ Yoga Day
शुभ प्रभात साथियो 🌹🌹🙏🙏 आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है।यह गर्व का विषय है कि हमारे देश भारत ने ही दुनिया को योग के प्रति जागरूक किया।आज दु...

June 19, 2022

Father's Day

Father's Day
आज बिना किसी भूमिका के पिता श्री को समर्पित एक मुक्तक आप सब के साथ साझा कर रहा हूं।मुझे इस बात का गर्व है की  पिता जैसे घने दरख़्त का साया म...

June 17, 2022

शुभ प्रभात🙏🙏💐💐शुभ प्रभात🙏🙏🌹🌹

शुभ प्रभात🙏🙏💐💐शुभ प्रभात🙏🙏🌹🌹
नमस्कार मित्रो🙏🙏 पूरे दिन का तो नहीं पता परंतु आज सुब्ह- सुब्ह मौसम कुछ खुशगवार नज़र आया तो सोचा की मॉर्निंग वॉक के बाद ब्लॉग पर ही पहले क...

June 14, 2022

समस्या--पूर्ति

समस्या--पूर्ति
समस्या पूर्ति/तरही मिसरा *******"*************         ---ओंकार सिंह विवेक हिंदी काव्य में दिए गए शब्द/पंक्ति पर किसी काव्य रचना का सृज...

June 12, 2022

बनारस तेरी शान निराली

  बनारस तेरी शान निराली
      बनारस में       ********             ओंकार सिंह विवेक बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी/बनारस  जिसका प्राचीन नाम काशी है,हमारे देश की सभ्य...

June 10, 2022

शायरी/कविता के बहाने

शायरी/कविता के बहाने
मित्रो शुभ प्रभात🙏🙏 शायरी या कविता आत्मा और मन की आवाज़ को अभिव्यक्त करने का माध्यम है।शायर या कवि के सृजन में कुछ आपबीती होती है तो कुछ जग...

June 8, 2022

रामपुर की बात

रामपुर की बात
रामपुर की बात ************        --ओंकार सिंह विवेक कल शाम पत्नी के साथ घूमने के लिए निकलना हुआ तो अपने शहर रामपुर-उ0प्र0 में अब एक दर्शनीय...

June 7, 2022

सरस्वती-वंदना

सरस्वती-वंदना
साथियो शुभ प्रभात प्रणाम🙏🙏🌷🌷🌺🌺💐💐 जब हम कोई अच्छा काम शुरू करते हैं तो अपने इष्टदेव की आराधना अथवा स्तुति के बाद ही प्रारम्भ करते हैं...

June 6, 2022

सच की फौजों पर अब झूठों------

सच की फौजों पर अब झूठों------
सादर प्रणाम मित्रो🙏🙏🌷🌷 आज हम सब विरोधभासों और विसंगतियों से दो-चार होते हुए जीने को मजबूर हैं।इस विरोधाभास को देखकर ह्रदय व्यथित भी होता...

June 4, 2022

साहित्य की सेवा

साहित्य की सेवा
समाज सेवा के बहुत से माध्यम हो सकते हैं जिनके बारे में पहले भी मैं अपनी एक ब्लॉग पोस्ट में विस्तार से चर्चा कर चुका हूँ।साहित्य के माध्यम से...

June 2, 2022

अपनी बात : दोहों के साथ

अपनी बात : दोहों के साथ
नमस्कार मित्रो🌷🌷🙏🙏 यों तो काव्य की सभी विधाएँ भाव-अभिव्यक्ति का एक उत्तम माध्यम होती हैं।किसी एक विधा को दूसरी से कमतर नहीं कहा जा सकता।...

May 30, 2022

समीक्षा के बहाने

समीक्षा के बहाने
सभी साहित्य मनीषियों को नमस्कार 🙏🙏 साथियो कविता/शायरी तो हम करते ही रहते हैं लेकिन कभी-कभी विषयगत सार्थक चर्चा भी होनी चाहिए।इसी विचार को ...

May 27, 2022

कुछ अपनी कुछ कविता की

कुछ अपनी कुछ कविता की
कल का दिन अत्यधिक व्यस्तता भरा रहा।दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सेदारी रही। पहला कार्यक्रम मिगलानी सेलिब्रेशन मुरादाबाद में प्रथमा यू प...

May 25, 2022

दोस्ती किताबों से

दोस्ती किताबों से
   दोस्ती किताबों से   ***************           ---ओंकार सिंह विवेक मेरे एक मित्र हाल ही मैं सरकारी सेवा से रिटायर हुए हैं।वे उच्च शिक्षित ...

May 23, 2022

अभी कल की ही तो बात है

अभी कल की ही तो बात है
शुभ प्रभात मित्रो🙏🙏 वाह री क़ुदरत ! तेरा करिश्मा-- कल तक पारा उत्तर भारत में 40 से 45 डिग्री सेल्शियस के आस पास घूम रहा था।गर्मी बदन को झुल...

May 20, 2022

बस यूँ ही ख़याल आ गया

बस यूँ ही ख़याल आ गया
शुभ प्रभात मित्रो🙏🙏 अक्सर ऐसा होता है कि कविता या शायरी जब नहीं होती तो कई-कई दिन तक नहीं होती और यदि माँ शारदे की कृपा होने लगे तो हर घड़ी...

May 16, 2022

जीवन की राहों को कुछ आसान करूँ

जीवन की राहों को कुछ आसान करूँ
दोस्तो नमस्कार🙏🙏 कविता या शायरी कसौटी पर खरी तभी कही जा सकती है जब उसे सुन या पढ़कर श्रोता/पाठक आह!अथवा वाह! करने के लिए मजबूर हो जाए।कविता...

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दिल की बात ग़ज़ल के साथ

आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ :                     ग़ज़ल       ...