न ख़ुशियाँ ईद की कम हों न होली-रंग हो फीका, रहे भारत के माथे पर इसी तहज़ीब का टीका। गले मिलते रहें सब लोग शिकवे भूलकर सारे, सदा सद्भावन...
आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ : ग़ज़ल ...