न ख़ुशियाँ ईद की कम हों न होली-रंग हो फीका, रहे भारत के माथे पर इसी तहज़ीब का टीका। गले मिलते रहें सब लोग शिकवे भूलकर सारे, सदा सद्भावन...
मित्रो सुप्रभात 🌹🌹🙏🙏 इधर काफ़ी दिनों से अपने ब्लॉग पर आपसे अपनी कविता के माध्यम से कोई सार्थक संवाद नहीं कर पाया इसका मुझे ख...