ग़ज़ल---ओंकार सिंह विवेक 🌹 कब सुनते हैं कोई कहानी अपनी दादी - नानी से, अब तो बस चिपके रहते हैं बच्चे गूगल - ज्ञानी स...
आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ : ग़ज़ल ...