चौपाई छंद:वसंत ऋतु ************** मुस्काई फूलों की डाली। झूमी गेहूँ की हर बाली।। धरती का क्या रूप सँवारा। हे वसंत ! आभा...
नमस्कार मित्रो 🥀🥀🙏🙏 लीजिए पेश हैं मेरे दूसरे ग़ज़ल संग्रह 'कुछ मीठा कुछ खारा' की भिन्न-भिन्न ग़ज़लों से लिए गए कुछ शे'र।आशा ...