ग़ज़ल----ओंकार सिंह विवेक मोबाइल 9897214710 ज़ोर शब का न कोई चलना है, जल्द सूरज को अब निकलना है। ये ही ठहरी गुलाब की क़िस्...
आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ : ग़ज़ल ...