चौपाई छंद:वसंत ऋतु ************** मुस्काई फूलों की डाली। झूमी गेहूँ की हर बाली।। धरती का क्या रूप सँवारा। हे वसंत ! आभा...
आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ : ग़ज़ल ...