चित्राधारित दोहे भाग-दौड़ से जब हुई ,दिन प्रतिदिन हलकान, गोरी तब करने लगी, गहन साधना-ध्यान। करना पड़ता है बहुत,पावनता से ध्या...
कोलकता के प्रतिष्ठित अख़बार 'सदीनामा' का ग़ज़ल प्रकाशित करने के लिए एक बार फिर हार्दिक आभार प्रकट करता हूँ 🌹🌹🙏🙏 आ...