February 23, 2024

शुचिता

शुचिता
शुचिता ***** शुचिता एक भाव हैं जिसका शाब्दिक अर्थ है पवित्रता,शुद्धता, निष्कपटता या स्वच्छता। जीवन के हर क्षेत्र में शुचिता पूर्ण आचरण अपरिह...

February 21, 2024

अपनी बात

अपनी बात
मित्रो सुप्रभात🌹🌹🙏🙏   कुछ अपने बारे में ************** लिखने का शौक़ मुझे विद्यार्थी जीवन से ही रहा है। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट में मेर...

February 19, 2024

कविता के दो रंग

कविता के दो रंग
दोस्तो नमस्कार 🙏🙏 आज समय की मांग के अनुरूप ग़ज़ल का फ़लक भी विराट हो चुका है। ग़ज़लकार अब परंपरागत कथ्यों से हटकर अपने समय, सम...

February 14, 2024

वसंत पंचमी/शारदे प्रादुर्भाव दिवस

वसंत पंचमी/शारदे प्रादुर्भाव दिवस
मित्रो प्रणाम 🌷🌷🙏🙏 कुहरेे से लड़ने के बाद सूरज फिर से अपनी वही चमक पाने लगा है।अब तापमान भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है।खेतों में सरसों और उद्य...

February 12, 2024

पुस्तक परिचय : "तू ही प्राणाधार" (कुंडलिया-संग्रह)

पुस्तक परिचय : "तू ही प्राणाधार" (कुंडलिया-संग्रह)
         पुस्तक परिचय          ************        कृति : तू ही प्राणाधार   कृतिकार : शिव कुमार 'चंदन'    संस्करण :   20...

February 5, 2024

पुस्तक परिचय : "सलाम-ए -इश्क़"(ग़ज़ल-संकलन)

पुस्तक परिचय : "सलाम-ए -इश्क़"(ग़ज़ल-संकलन)
                  पुस्तक-परिचय                    *********** कृति      : सलाम-ए-इश्क़ कृतिकार:रणधीर प्रसाद गौड़ धीर संस्करण : 2...

February 4, 2024

पुस्तक परिचय : "मुरारी की चौपाल" (छंदमुक्त कविता-संग्रह)

पुस्तक परिचय : "मुरारी की चौपाल" (छंदमुक्त कविता-संग्रह)
                   पुस्तक परिचय                   *************                कृति : मुरारी की चौपाल           कृतिकार : अतुल क...

January 31, 2024

वाह रे!अवसरवाद

वाह रे!अवसरवाद
कोई ज़माना था जब लोग अपने घर के किसी सदस्य को जनसेवा करने के उद्देश्य से राजनीति में भेजा करते थे। राजनीति में सत्ता और शासन के नज़दीक रहकर ...

January 28, 2024

ग़ज़ल कुंभ,2024 मुंबई की सुनहरी यादें

ग़ज़ल कुंभ,2024 मुंबई की सुनहरी यादें
नमस्कार दोस्तो🙏🌷         (ग़ज़ल कुंभ मुंबई,2024की सुनहरी यादें) इस वर्ष का ग़ज़ल कुंभ हमेशा की तरह पूरी आन-बान और शान के साथ व...

January 12, 2024

(ग़ज़ल कुंभ,2024 मुंबई) : प्रस्थान से पहले

(ग़ज़ल कुंभ,2024 मुंबई) : प्रस्थान से पहले
दिल्ली निवासी ग़ज़लकार दीक्षित दनकौरी जी अपनी टीम के साथ मिलकर पिछले 18 वर्षों से देश-विदेश के ग़ज़ल प्रेमियों के लिए ग़ज़ल कुंभ...

January 5, 2024

झुर्री वाले गाल

झुर्री वाले गाल
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। साहचार्य से रहने में ही जीवन की सार्थकता है।मनुष्य समाज में रहकर बहुत कुछ सीखता है और उससे बहुत कुछ लेता भी है।...

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दिल की बात ग़ज़ल के साथ

आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ :                     ग़ज़ल       ...