सादर सुप्रभात मित्रो 🥀🥀🙏🙏
आजकल गर्मी चरम पर है।उत्तर भारत में तो सूर्य देवता का क़हर हर दिन विकराल रूप धारण करता जा रहा है।अभी कई दिन पहले बुंदेलखंड क्षेत्र में तो विश्व में सबसे अधिक तापमान का रिकॉर्ड अख़बारों द्वारा रिपोर्ट किया गया।ऐसे में सबसे गुज़ारिश है कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।Peak hours में ज़रूरत पर ही घर से पूरे वस्त्र पहनकर मुँह आदि को ढककर तथा पर्याप्त पानी पीकर ही बाहर निकलें। सूर्य का आग उगलता गोला और उस पर कई क्षेत्रों में पानी की क़िल्लत हमें सोचने को मजबूर करती है।
जल जैसे जीवनदायी श्रोत को बचाने की आजकल बड़ी चुनौती है।अत: हम सबका दायित्व है कि देखभाल कर ही पानी ख़र्च करें। पानी का दुरुपयोग भविष्य में हमारे जीवन के लिए ख़तरा बन सकता है।
परिस्थितियों ने चिंतन को प्रेरित किया तो पिछले दिनों पानी की महत्ता को लेकर एक कुण्डलिया छंद सृजित किया था जो आपकी प्रतिक्रियाओं हेतु यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ :
कुंडलिया छंद
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पानी जीवन के लिए, है अनुपम वरदान।
व्यर्थ न इसकी बूँद हो,रखना है यह ध्यान।।
रखना है यह ध्यान,करें सब संचय जल का।
संकट हो विकराल,पता क्या है कुछ कल का।
करता विनय 'विवेक',छोड़ दें अब मनमानी।
मिलकर करें उपाय , बचाएँ घटता पानी।।
----- ओंकार सिंह विवेक
(सर्वाधिकार सुरक्षित)
Bahut sundar
ReplyDeleteआभार
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