February 28, 2024

रौशनी 'इल्म की

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नमस्कार दोस्तो 🌹🌹🙏🙏 आजकल एक तरही मिसरे पर ग़ज़ल कहने की काविशें चल रही हैं।संयोग से अभी मतला' तो नहीं हो पाया है ग़ज़ल का। हाँ,दो शे...

February 23, 2024

शुचिता

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शुचिता ***** शुचिता एक भाव हैं जिसका शाब्दिक अर्थ है पवित्रता,शुद्धता, निष्कपटता या स्वच्छता। जीवन के हर क्षेत्र में शुचिता पूर्ण आचरण अपरिह...

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मुतफ़र्रिक़ अश'आर

नमस्कार मित्रो 🥀🥀🙏🙏 लीजिए पेश हैं मेरे दूसरे ग़ज़ल संग्रह 'कुछ मीठा कुछ खारा' की भिन्न-भिन्न ग़ज़लों से लिए गए कुछ शे'र।आशा ...