आशा है आप सभी सपरिवार सानंद होंगे।सभी को पंचोत्सव (धनतेरस,छोटी दीपावली, दीपावली, गोवर्धन पूजा तथा भैया दूज) की अग्रिम अशेष मंगलकामनाएं 🌺🌺
ईश्वर से कामना है कि विश्व में सुख-शांति का मार्ग प्रशस्त करें एवं सबको उत्तम स्वास्थ्य तथा समृद्धि प्रदान करें।
लीजिए पेश है मेरी एक ग़ज़ल आपकी स्नेहिल प्रतिक्रियाओं की अपेक्षा के साथ --
दौर ख़िज़ाँ का जाएगा,
गुलशन फिर मुस्काएगा।
नून है सबके हाथों में,
किसको ज़ख़्म दिखाएगा।
मत आ डर की बातों में,
डर तो और डराएगा।
झूठ तेरी अब ये हिम्मत,
सच को आँख दिखाएगा।
सागर तो ख़ुद प्यासा है,
किसकी प्यास बुझाएगा।
झूठ पिया है घुट्टी में,
वो सच क्या बतलाएगा।
जारी रक्खो मश्क़ 'विवेक',
रंग सुख़न में आएगा।
-- ओंकार सिंह विवेक
(सर्वाधिकार सुरक्षित)