माँ शरदा की सुन्दर वन्दना।
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (09-08-2020) को "भाँति-भाँति के रंग" (चर्चा अंक-3788) पर भी होगी। --हार्दिक शुभकामनाओं के साथ। सादर...! डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' --
बहुत सुंदर वंदना
सुन्दर प्रस्तुति.
बहुत सुंदर
माँ शारदे पर सुंदर भाव पूर्ण दोहे।बहुत सुंदर सरस सृजन।
आपके स्नेह-आशीष की अभिलाषा के साथ आज अपने जन्मदिन के अवसर पर एक ग़ज़ल के साथ आपसे मुखातिब हूँ : ग़ज़ल ...
माँ शरदा की सुन्दर वन्दना।
ReplyDeleteआपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (09-08-2020) को "भाँति-भाँति के रंग" (चर्चा अंक-3788) पर भी होगी।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
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बहुत सुंदर वंदना
ReplyDeleteसुन्दर प्रस्तुति.
ReplyDeleteबहुत सुंदर
ReplyDeleteमाँ शारदे पर सुंदर भाव पूर्ण दोहे।
ReplyDeleteबहुत सुंदर सरस सृजन।