मित्रो सादर प्रणाम 🌹🌹🙏🙏
घटना विशेष या प्रसंगवश विशेष पर जब कवि हृदय में चिंतन की उड़ान होती है,तो जो कविता प्रस्फुटित होती है, वह आपकी प्रतिक्रियाओं के लिए यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ।
दोस्तो नमस्कार 🌹🌹🙏🙏 आपकी अदालत में ताज़ा ग़ज़ल के कुछ शेर पेश हैं। मुलाहिज़ा फरमाएँ : ग़ज़ल ***** कहीं उम्मी...
बेहतरीन शायरी
ReplyDeleteआभार आदरणीया 🙏
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