December 5, 2019

अब फाँसी दे दीजिए


1 comment:

Featured Post

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल (बनारस यात्रा भाग -1)

सफ़र की हद है वहाँ तक कि कुछ निशान रहे, चले  चलो  के  जहाँ  तक   ये  आसमान  रहे। ये क्या उठाये क़दम और  आ गई मन्ज़िल...