November 21, 2024

नया ग़ज़ल-संग्रह Out now






आदरणीय मित्रो सादर प्रणाम 🌹 🌹 🙏 🙏 
आपको बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि मेरा नया  ग़ज़ल-संग्रह 'कुछ मीठा कुछ खारा' प्रकाशित होकर आ चुका है।

इस ग़ज़ल संग्रह की विभिन्न ग़ज़लों के कुछ अशआर देखिए -----
डूबता है दिल घुटन से क्या करें,
अश्रु झरते हैं नयन से क्या करें।
***
खेतों की जो हरियाली है,
रघु के चेहरे की लाली है।
****
लुत्फ़ क्या आएगा शराफ़त में,
आप अब आ गए सियासत में।
**
रौशनी का यही निशाना है,
तीरगी को मज़ा चखाना है।
   ©️ ओंकार सिंह विवेक 


🌹🌺🌼🥀🍀🌿🌾🌻🌱❄️💐🌷🍁☘️🪷🥀🍀
यह ग़ज़ल-संग्रह amazon पर उपलब्ध है। लिंक निम्नवत है 👇

Amazon Link - https://shorturl.at/WHluS





टिप्पणियाँ

Featured Post

ताना-बाना

नई ग़ज़ल का आनंद लीजिए साथियो 🥀🥀🙏🙏                 ग़ज़ल                   **** इतने   उलझे    संबंधों     के    ताने-बाने   हैं, अपने  ...