आलमी शोहरत-याफ़्ता शायर ताहिर फ़राज़ साहब नहीं रहे
*********************************************
देश और दुनिया में अपनी एहसासात से लबरेज़ शायरी से धूम मचाने वाले रामपुर के आलमी शोहरत-याफ़्ता शायर जनाब ताहिर फ़राज़ साहब का 24 जनवरी,2026 को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से असामयिक निधन हो गया।परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार मुंबई में ही सांताक्रुज़ क़ब्रिस्तान में किया गया।उनके असामयिक निधन पर ज़िंदगी की हक़ीक़त बयान करता हुआ उनका यह शेर बहुत याद आ रहा है :
ज़िन्दगी तेरे त'आक़ुब में हम,
इतना चलते हैं कि मर जाते हैं।
-- ताहिर फ़राज़
ताहिर फ़राज़ साहब उत्तर प्रदेश साहित्य सभा रामपुर इकाई के संरक्षक तथा सभा के संयोजक सुरेन्द्र अश्क रामपुरी के उस्ताद भी थे। साहित्य सभा के सदस्यों ने शोक सभा का आयोजन करके 25 जनवरी,2026 को मरहूम ताहिर फ़राज़ साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।सभा के अध्यक्ष ओंकार सिंह विवेक ने कहा कि उत्तर प्रदेश साहित्य सभा की स्थानीय इकाई को फ़राज़ साहब का मार्गदर्शन सदैव राह दिखाता रहेगा।साहित्यिक कार्यक्रमों में कविता और शायरी के हवाले से अक्सर आपसे सबको बहुत क़ीमती राय मिलती रहती थी। सभा के संयोजक सुरेन्द्र अश्क रामपुरी तथा सचिव राजवीर सिंह ने कहा कि ताहिर फ़राज़ साहब एक अच्छे शायर होने के साथ साथ एक बेहतरीन इंसान भी थे। उनकी विनम्रता और सदाशयता हमेशा याद आती रहेगी।हिंदुस्तान के अलावा अमरीका,यूरोप सहित अनेक खाड़ी देशों में ताहिर फ़राज़ साहब का मुशायरों में जाना होता रहता था।शोक सभा में सदस्यों ने ताहिर फ़राज़ साहब के ग़ज़ल संग्रह 'काश' तथा 'कश्कोल' में प्रकाशित ग़ज़लों का पाठ करके उनका स्मरण किया।
ताहिर फ़राज़ साहब हमेशा देश और दुनिया में प्यार और मुहब्बत को बढ़ाने की बातें किया करते थे।यही बातें वह अपनी शायरी के माध्यम से लोगों तक पहुँचाने का काम उम्र भर करते रहे।उनकी यह पंक्तियाँ देखें :
मौत सच है ये बात अपनी जगह,
ज़िंदगी का सिंगार करते रहो।
नफ़ा नुक़सान होता रहता है,
प्यार का कारोबार करते रहो।
-- ताहिर फ़राज़
शोक सभा में उपरोक्त के अतिरिक्त सुधाकर सिंह परिहार,प्रदीप राजपूत माहिर,सोहन लाल भारती,पतराम सिंह,शिवकुमार चन्दन,सुमित मीत,गौरव नायक, अनमोल रागिनी चुनमुन, फ़ैसल मुमताज़,नवीन पांडे, बलवीर सिंह,आशा खन्ना,पुन्नू तथा आस्था खन्ना आदि ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए ताहिर फ़राज़ साहब के साथ रहे अपने अनुभवों कोअश्रुपूरित नेत्रों से व्यक्त किया।
---ओंकार सिंह विवेक,अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश साहित्य सभा रामपुर इकाई
सम्मानित समाचार पत्र 'दैनिक जागरण' ने अपने दिनांक 26 जनवरी,2026 के अंक में श्रद्धांजलि सभा के समाचार को विस्तार से प्रकाशित किया इसके लिए हम संपादक मंडल का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।
No comments:
Post a Comment