June 16, 2025

कितने हसीन लोग थे ! (ग़ज़ल से इश्क़ फ़रमाता रहूँगा)

कितने हसीन लोग थे !                                              (ग़ज़ल से इश्क़ फ़रमाता रहूँगा)
आदमी अपने शौक़ और जुनून के चलते न जाने कहाँ-कहाँ की यात्राएँ कर लेता है। यात्राओं के दौरान तमाम ऐसे लोगों से भी मुलाक़ात हो जाती है जिनसे मि...

Featured Post

ताना-बाना

नई ग़ज़ल का आनंद लीजिए साथियो 🥀🥀🙏🙏                 ग़ज़ल                   **** इतने   उलझे    संबंधों     के    ताने-बाने   हैं, अपने  ...